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बच्चों को दूध देने की योजना को पहले ही दिन लगा झटका
Updated Thu, 16 Jul 2015 01:22 AM IST
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कई विद्यालयों में तो बच्चों को पाउडर का दूघ घोलकर पिलाया गया। डेयरी संचालक दूध खरीदने के लिए आने वाले शिक्षा महकमे के नुमाइंदों का इंतजार करते रह गए।
जिले के एक हजार प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के तकरीबन पौने दो छात्र-छात्राओं को दो सौ ग्राम प्रति विद्यार्थी के हिसाब से बुधवार से दूध उपलब्ध कराया जाना था।
इसके लिए शिक्षा महकमे ने आधी-अधूरी तैयारियों के बीच वितरण शुरू कराया। कुछेक विद्यालयों को छोड़ दें तो जिले भर के ज्यादातर विद्यालयों के नौनिहाल दूध के लिए इंतजार करते रह गए।
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कई विद्यालयों पर बच्चों को पाउडर दूध घोलकर पिला दिया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय ज्ञानपुर में बच्चों को दूध वितरित किया गया। ज्ञानपुर एसडीएम उमाकांत त्रिपाठी ने स्वयं बच्चों को दूध बांटकर योजना का आगाज किया।
यहां मेन्यू में बच्चों को चावल और कोफ्ता दिया गया। इसके अलावा आसपास के कुछ स्कूलों को छोड़कर ज्यादातर विद्यालयों पर दूध नहीं बांटा गया।
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जिले के एक हजार प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के तकरीबन पौने दो छात्र-छात्राओं को दो सौ ग्राम प्रति विद्यार्थी के हिसाब से बुधवार से दूध उपलब्ध कराया जाना था।
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इसके लिए शिक्षा महकमे ने आधी-अधूरी तैयारियों के बीच वितरण शुरू कराया। कुछेक विद्यालयों को छोड़ दें तो जिले भर के ज्यादातर विद्यालयों के नौनिहाल दूध के लिए इंतजार करते रह गए।
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कई विद्यालयों पर बच्चों को पाउडर दूध घोलकर पिला दिया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय ज्ञानपुर में बच्चों को दूध वितरित किया गया। ज्ञानपुर एसडीएम उमाकांत त्रिपाठी ने स्वयं बच्चों को दूध बांटकर योजना का आगाज किया।
यहां मेन्यू में बच्चों को चावल और कोफ्ता दिया गया। इसके अलावा आसपास के कुछ स्कूलों को छोड़कर ज्यादातर विद्यालयों पर दूध नहीं बांटा गया।