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गारंटी की सड़कों में भ्रष्टाचार, अवधि से पहले टूटीं
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ज्ञानपुर। ठेकेदारों ने सड़कों का बंटाधार कर दिया है। मानक की अनदेखी और कमीशनखोरी के चलते भदोही जिले की 73 सड़कें समय से पहले ही जर्जर होकर टूट गईं हैं। इसमें करोड़ों रुपये के सरकारी धन का वारा-न्यारा कर दिया गया। गांव और छोटे बाजारों की सड़कों की मियाद आठ वर्ष और मुख्य मार्ग की मियाद तीन साल मानी गई है, लेकिन 90 फीसदी सड़कें समय से पहले ही ध्वस्त हो गईं। अब 73 सड़कों की विशेष मरम्मत के लिए 7.25 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं।
स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और सड़क के विकास पर सरकार का विशेष फोकस होता है। यातायात और ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था बेहतर करने के लिए हर साल सड़कों पर करोड़ो रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन ठेकेदारों की मनमानी से गारंटी वाली सड़कें भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जा रही हैं। गारंटी अवधि में ही जिले की करीब 73 सड़कें टूट चुकी हैं। सड़कों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर कर रहे हैं। न तो ठेकेदार इन सड़कों की मरम्मत कर रहे हैं और न ही संबंधित विभागों के अफसर ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई कर रहे हैं। टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए दोबारा प्रस्ताव बनाकर भेजा गया और विशेष मरम्मत के नाम पर सात करोड़ 25 लाख स्वीकृत भी हो गया है। विभागीय मानक पर नजर डालें तो ग्रामीण बाजारों एवं गांव की छोटी सड़कों की अवधि आठ साल तय की गई है। इन सड़कों पर ओवरलोड वाहन आदि न चलने से अवधि अधिक तय की जाती है, जबकि मुख्य मार्ग की अवधि केवल तीन साल है। हालांकि अधिकांश सड़क समय से पहले टूट जाती है। अभोली ब्लॉक के हरिकरनपुर, अइनछ मार्ग, पिपरिस- मुख्यालय मार्ग समेत 73 ऐसी सड़कें हैं, जो डेढ़ साल पूर्व गड्ढामुक्ति के नाम पर बनीं, अब उनकी विशेष मरम्मत पर धन खर्च किया जाएगा। तारकोल से लेकर मोटाई में भी झोल होने से सड़कें एक बारिश भी नहीं झेल पातीं। यही नहीं ठेकेदार और इंजीनियरों के तालमेल से 90 फीसदी सड़कों की पटरी भी नहीं बनती। उसके मद में आने वाले पैसे भी डकार लिए जाते हैं। 73 सड़कों की 80 किमी विशेष मरम्मत होगी। बताते चलें कि जिन सड़कों की विशेष मरम्मत के लिए बजट मिला है, उन पर पूर्व में भी करीब 100 करोड़ खर्च हो चुके हैं।
विशेष मरम्मत और नवीनीकरण के लिए बजट स्वीकृत है। बारिश खत्म होने के बाद काम शुरू हो जाएगा। हीरामणि वर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग
नवीनीकरण को मिले पांच करोड़
ज्ञानपुर। विशेष मरम्मत की तरह जिले में 55 किमी की 62 सड़कों के नवीनीकरण के लिए पांच करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है। यह सड़कें अवधि पूर्ण करने के बाद टूटी हैं, जिनका नवीनीकरण किया जाएगा।
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स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और सड़क के विकास पर सरकार का विशेष फोकस होता है। यातायात और ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था बेहतर करने के लिए हर साल सड़कों पर करोड़ो रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन ठेकेदारों की मनमानी से गारंटी वाली सड़कें भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जा रही हैं। गारंटी अवधि में ही जिले की करीब 73 सड़कें टूट चुकी हैं। सड़कों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर कर रहे हैं। न तो ठेकेदार इन सड़कों की मरम्मत कर रहे हैं और न ही संबंधित विभागों के अफसर ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई कर रहे हैं। टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए दोबारा प्रस्ताव बनाकर भेजा गया और विशेष मरम्मत के नाम पर सात करोड़ 25 लाख स्वीकृत भी हो गया है। विभागीय मानक पर नजर डालें तो ग्रामीण बाजारों एवं गांव की छोटी सड़कों की अवधि आठ साल तय की गई है। इन सड़कों पर ओवरलोड वाहन आदि न चलने से अवधि अधिक तय की जाती है, जबकि मुख्य मार्ग की अवधि केवल तीन साल है। हालांकि अधिकांश सड़क समय से पहले टूट जाती है। अभोली ब्लॉक के हरिकरनपुर, अइनछ मार्ग, पिपरिस- मुख्यालय मार्ग समेत 73 ऐसी सड़कें हैं, जो डेढ़ साल पूर्व गड्ढामुक्ति के नाम पर बनीं, अब उनकी विशेष मरम्मत पर धन खर्च किया जाएगा। तारकोल से लेकर मोटाई में भी झोल होने से सड़कें एक बारिश भी नहीं झेल पातीं। यही नहीं ठेकेदार और इंजीनियरों के तालमेल से 90 फीसदी सड़कों की पटरी भी नहीं बनती। उसके मद में आने वाले पैसे भी डकार लिए जाते हैं। 73 सड़कों की 80 किमी विशेष मरम्मत होगी। बताते चलें कि जिन सड़कों की विशेष मरम्मत के लिए बजट मिला है, उन पर पूर्व में भी करीब 100 करोड़ खर्च हो चुके हैं।
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विशेष मरम्मत और नवीनीकरण के लिए बजट स्वीकृत है। बारिश खत्म होने के बाद काम शुरू हो जाएगा। हीरामणि वर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग
नवीनीकरण को मिले पांच करोड़
ज्ञानपुर। विशेष मरम्मत की तरह जिले में 55 किमी की 62 सड़कों के नवीनीकरण के लिए पांच करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है। यह सड़कें अवधि पूर्ण करने के बाद टूटी हैं, जिनका नवीनीकरण किया जाएगा।
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