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बारिश से 84 साल पुरानी धर्मशाला की छत ढही
bhadohi hindi news
Updated Wed, 06 Jul 2016 01:49 AM IST
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गोपीगंज के अंजही मोहाल में स्थित प्राचीन धर्मशाले की छत बरसात के कारण धराशायी हो गई।
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पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर हो ही बरसात का असर अब दिखने लगा है। रिमझिम बारिश के चलते पुरानी इमारतें ढहनी शुरू हो गई है। साथ ही कई निचले इलाकों में जलजमाव होने से लोगोें को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
गोपीगंज नगर के अंजही मोहाल में करीब 84 साल पूर्व निर्मित श्रीराम धर्मशाला के एक हिस्से की छत सोमवार की देर रात बारिश के कारण भरभराकर गिर गई। 1932 में मोढ़ बाजार निवासी श्रीराम उमरवैश्य ने इस धर्मशाला का निर्माण कराया था। तब से लेकर अब तक यह धर्मशाला मुसाफिरों को ठहरने के काम आता था। इसके अलावा नगर क्षेत्र के लोग भी घर में मांगलिक आयोजन करते थे। संयोग था कि हादसे के वक्त धर्मशाला में कोई नहीं था।
आठ दशक पूरा कर चुके इस धर्मशाला की दीवारें जर्जर हो गई हैं। जिम्मेदारों के ध्यान न देने के कारण भवन की दीवारों के जर्जर होने की जानकारी किसी को नहीं थी। वर्तमान में धर्मशाला पूरी तरह जर्जर हो चुका है। जर्जर भवन बीती रात झमाझम बारिश को नहीं झेल सका। रात में कोई भी मुसाफिर धर्मशाला में नहीं ठहरा था और न ही कोई कार्यक्रम था। इससे जान माल का नुकसान होने से बच गया। नगर के लोगों ने जिला प्रशासन से जर्जर हो चुके इस मुसाफिरखाने की नए सिरे से निर्माण कराने की मांग की है। इसके अलावा बारिश के चलते जलजमाव से विभिन्न मोहल्ले और गांव की सड़कों पर आवागमन बाधित हो गया है। ज्ञानपुर के अलावा खमरिया, घोसिया, महाराजगंज, सुरियावां आदि इलाकों में जलजमाव और कीचड़ से सनी सड़कें लोगों की फजीहत बढ़ा रहीं हैं।
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गोपीगंज नगर के अंजही मोहाल में करीब 84 साल पूर्व निर्मित श्रीराम धर्मशाला के एक हिस्से की छत सोमवार की देर रात बारिश के कारण भरभराकर गिर गई। 1932 में मोढ़ बाजार निवासी श्रीराम उमरवैश्य ने इस धर्मशाला का निर्माण कराया था। तब से लेकर अब तक यह धर्मशाला मुसाफिरों को ठहरने के काम आता था। इसके अलावा नगर क्षेत्र के लोग भी घर में मांगलिक आयोजन करते थे। संयोग था कि हादसे के वक्त धर्मशाला में कोई नहीं था।
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आठ दशक पूरा कर चुके इस धर्मशाला की दीवारें जर्जर हो गई हैं। जिम्मेदारों के ध्यान न देने के कारण भवन की दीवारों के जर्जर होने की जानकारी किसी को नहीं थी। वर्तमान में धर्मशाला पूरी तरह जर्जर हो चुका है। जर्जर भवन बीती रात झमाझम बारिश को नहीं झेल सका। रात में कोई भी मुसाफिर धर्मशाला में नहीं ठहरा था और न ही कोई कार्यक्रम था। इससे जान माल का नुकसान होने से बच गया। नगर के लोगों ने जिला प्रशासन से जर्जर हो चुके इस मुसाफिरखाने की नए सिरे से निर्माण कराने की मांग की है। इसके अलावा बारिश के चलते जलजमाव से विभिन्न मोहल्ले और गांव की सड़कों पर आवागमन बाधित हो गया है। ज्ञानपुर के अलावा खमरिया, घोसिया, महाराजगंज, सुरियावां आदि इलाकों में जलजमाव और कीचड़ से सनी सड़कें लोगों की फजीहत बढ़ा रहीं हैं।
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