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Bhadohi News: फ्लाईओवर के 8 पिलरों में गड़बड़ी, लगाए जाएंगे 16 जॉइंट एक्सटेंशन
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गोपीगंज फ्लाई ओवर पर चल रहा मरम्मत का कार्य। संवाद
ज्ञानपुर/लालानगर। वाराणसी-प्रयागराज राजमार्ग के सबसे बड़े फ्लाईओवर के आठ पिलरों में खराबी आ गई है। इनमें 16 जॉइंट एक्सटेंशन लगाए जाएंगे। उत्तरी और दक्षिणी लेन पर जॉइंट एक्सटेंशन लगाया जाएगा। इस समय उत्तरी लेन पर काम चल रहा है। जिससे फ्लाईओवर पर एक लेन से ही आवागमन हो रहा है। एनएचएआई एक महीने में काम पूरा करने का दावा कर रहा है।
वाराणसी-प्रयागराज राजमार्ग के राजातालाब-हंडिया खंड की लंबाई करीब 72.644 किमी है। हाईवे पर तीन बड़े फ्लाईओवर हैं। इनमें वाराणसी के मिर्जामुराद में करीब तीन किमी, भदोही के गोपीगंज में 2.5 किमी और प्रयागराज के हंडिया में करीब 3.5 किमी लंबा फ्लाईओवर है। हाईवे की देखरेख का जिम्मा कार्यदायी संस्था जीआर इंफ्रा के जिम्मे हैं। यह देश के सबसे व्यस्ततम हाईवे में से एक है। जहां हर दिन 12 हजार वाहनों का आवागमन होता है। इसमें सबसे ज्यादा करीब 55 फीसदी बड़े व भारी वाहन होते हैं। भारी वाहनों के आवागमन से अक्सर तकनीकी दिक्कतें आती हैं, जिन्हें हाईवे की कार्यदायी संस्था दुरुस्त करती है। गोपीगंज फ्लाईओवर के आठ पिलरों में गड़बड़ी आ गई है। फ्लाईओवर के ऊपर से जब-जब वाहन गुजरते हैं तो पिलरों से तेज आवाज आती है। कई बार लोग इस आवाज से सहम जाते हैं। फ्लाईओवर से आने वाली आवाज जॉइंट एक्सटेंशन की गड़बड़ी के कारण है। अब कार्यदायी संस्था फ्लाईओवर के आठ पिलरों पर लगे 16 जॉइंट एक्सटेंशन को बदल रही है। इसमें उत्तरी और दक्षिणी लेन पर आठ-आठ नए जॉइंट एक्टेंशन लगाए जाएंगे।
फ्लाईओवर के उत्तरी लेन पर इन दिनों कार्यदायी संस्था की ओर से तेजी से काम लगाया गया है। पांच पिलरों के पुराने जॉइंट एक्सटेंशन को निकाल लिया गया है। अब वहां नए एक्सटेंशन लगाए जाएंगे। इसके कारण फ्लाईओवर के उत्तरी लेन पर आवागमन बाधित है। जाम की समस्या न हो, इसके लिए यातायात विभाग ने एक तरफ अमवा और दूसरी तरफ गिराई के पास से ही वाहनों को डायवर्ट किया गया है।
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हाईवे की कार्यदायी संस्था जीआर इंफ्रा के रखरखाव प्रबंधक छगन सिंह राजपुरोहित ने बताया कि जॉइंट एक्सटेंशन कंक्रीट या संरचनाओं में एक छोटा सा गैप होता है, जो तापमान में बदलाव के कारण होने वाले फैलाव और सिकुड़न को समायोजित करने के लिए बनाया जाता है। धूप के कारण यह खराब होता रहता है। इससे कई बार पिलरों से आवाज आती है। इसी को देखते हुए फ्लाईओवर के आठ पिलरों में जॉइंट एक्सटेंशन लगाए जाएंगे। यह काम एक महीने में पूरा किया जाएगा।
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वाराणसी-प्रयागराज राजमार्ग के राजातालाब-हंडिया खंड की लंबाई करीब 72.644 किमी है। हाईवे पर तीन बड़े फ्लाईओवर हैं। इनमें वाराणसी के मिर्जामुराद में करीब तीन किमी, भदोही के गोपीगंज में 2.5 किमी और प्रयागराज के हंडिया में करीब 3.5 किमी लंबा फ्लाईओवर है। हाईवे की देखरेख का जिम्मा कार्यदायी संस्था जीआर इंफ्रा के जिम्मे हैं। यह देश के सबसे व्यस्ततम हाईवे में से एक है। जहां हर दिन 12 हजार वाहनों का आवागमन होता है। इसमें सबसे ज्यादा करीब 55 फीसदी बड़े व भारी वाहन होते हैं। भारी वाहनों के आवागमन से अक्सर तकनीकी दिक्कतें आती हैं, जिन्हें हाईवे की कार्यदायी संस्था दुरुस्त करती है। गोपीगंज फ्लाईओवर के आठ पिलरों में गड़बड़ी आ गई है। फ्लाईओवर के ऊपर से जब-जब वाहन गुजरते हैं तो पिलरों से तेज आवाज आती है। कई बार लोग इस आवाज से सहम जाते हैं। फ्लाईओवर से आने वाली आवाज जॉइंट एक्सटेंशन की गड़बड़ी के कारण है। अब कार्यदायी संस्था फ्लाईओवर के आठ पिलरों पर लगे 16 जॉइंट एक्सटेंशन को बदल रही है। इसमें उत्तरी और दक्षिणी लेन पर आठ-आठ नए जॉइंट एक्टेंशन लगाए जाएंगे।
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फ्लाईओवर के उत्तरी लेन पर इन दिनों कार्यदायी संस्था की ओर से तेजी से काम लगाया गया है। पांच पिलरों के पुराने जॉइंट एक्सटेंशन को निकाल लिया गया है। अब वहां नए एक्सटेंशन लगाए जाएंगे। इसके कारण फ्लाईओवर के उत्तरी लेन पर आवागमन बाधित है। जाम की समस्या न हो, इसके लिए यातायात विभाग ने एक तरफ अमवा और दूसरी तरफ गिराई के पास से ही वाहनों को डायवर्ट किया गया है।
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हाईवे की कार्यदायी संस्था जीआर इंफ्रा के रखरखाव प्रबंधक छगन सिंह राजपुरोहित ने बताया कि जॉइंट एक्सटेंशन कंक्रीट या संरचनाओं में एक छोटा सा गैप होता है, जो तापमान में बदलाव के कारण होने वाले फैलाव और सिकुड़न को समायोजित करने के लिए बनाया जाता है। धूप के कारण यह खराब होता रहता है। इससे कई बार पिलरों से आवाज आती है। इसी को देखते हुए फ्लाईओवर के आठ पिलरों में जॉइंट एक्सटेंशन लगाए जाएंगे। यह काम एक महीने में पूरा किया जाएगा।