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आपरेटर मानदेय के लिए पानी की टंकी पर चढ़ा
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समूह पेयजल इकाई भोरी में आपरेटर के पद पर तैनात लालचंद चार वर्षों से बकाया मानदेय के लिए मंगलवार को 80 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। इससे आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने लगभग आधे घंटे के प्रयास के बाद लालचंद को नीचे उतारने में सफलता पाई।
लालचंद ने बताया कि जल निगम की ओर से संचालित समूह पेयजल इकाई की देखभाल के लिए उसे तैनात किया गया है, लेकिन चार वर्ष से निर्धारित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। उसने कई बार उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत कर भुगतान की मांग की लेकिन उसे आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। कोरोना महामारी के दौर में भी उसे मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। इससे वह न तो परिवार का सही ढंग से भरण-पोषण कर पा रहा है और न बच्चों की पढ़ाई-लिखाई करवा पा रहा है। उसने बताया कि समूह पेयजल इकाई पर समय से पहुंचने के लिए वह कभी खाना खाकर आता है तो कभी भूखे ही पहुंच कर अपनी जिम्मेदारी को संभालता है। आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी, क्षेत्रीय जेई प्रति माह वेतन भुनाकर अपनी जरूरत पूरी करते हैं। हम जैसे मजदूर की उपेक्षा कर चार से पांच वर्ष बाद भी मानदेय का भुगतान कराने में कभी सक्रियता नहीं दिखाते। उप निरीक्षक पाली मो. सगीर ने बताया कि लालचंद मानदेय न मिलने से नाराज होकर सुबह लगभग 11 बजे पानी की टंकी पर चढ़ गया था। आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे किसी तरह समझा-बुझाकर उतारा जा सका। मानदेय भुगतान के लिए विभागीय अधिकारियों को लिखा-पढ़ी की जा रही है।
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लालचंद ने बताया कि जल निगम की ओर से संचालित समूह पेयजल इकाई की देखभाल के लिए उसे तैनात किया गया है, लेकिन चार वर्ष से निर्धारित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। उसने कई बार उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत कर भुगतान की मांग की लेकिन उसे आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। कोरोना महामारी के दौर में भी उसे मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। इससे वह न तो परिवार का सही ढंग से भरण-पोषण कर पा रहा है और न बच्चों की पढ़ाई-लिखाई करवा पा रहा है। उसने बताया कि समूह पेयजल इकाई पर समय से पहुंचने के लिए वह कभी खाना खाकर आता है तो कभी भूखे ही पहुंच कर अपनी जिम्मेदारी को संभालता है। आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी, क्षेत्रीय जेई प्रति माह वेतन भुनाकर अपनी जरूरत पूरी करते हैं। हम जैसे मजदूर की उपेक्षा कर चार से पांच वर्ष बाद भी मानदेय का भुगतान कराने में कभी सक्रियता नहीं दिखाते। उप निरीक्षक पाली मो. सगीर ने बताया कि लालचंद मानदेय न मिलने से नाराज होकर सुबह लगभग 11 बजे पानी की टंकी पर चढ़ गया था। आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे किसी तरह समझा-बुझाकर उतारा जा सका। मानदेय भुगतान के लिए विभागीय अधिकारियों को लिखा-पढ़ी की जा रही है।
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