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Bhadohi News: छुट्टा गोवंश के हमले में वृद्ध की मौत, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
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अभोली के जद्दूपुर में वृद्ध की मौत के बाद घर पर गमजदा परिजन। स्रोत: जागरूक पाठक
दुर्गागंज (भदोही)। जद्दूपुर गांव में छुट्टा गोवंश के हमले से प्रभाकर तिवारी (70) की मौत हो गई। शौच के लिए जाते समय गोवंश ने वृद्ध पर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। शनिवार की रात अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ा। गोवंश के कारण मौत की एक साल में यह दूसरी घटना है। इससे पूर्व चौरी क्षेत्र के ममहर गांव में छुट्टा पशु के हमले से एक युवक की मौत हो गई थी। छुट्टा पशुओं के हमले में घायल होकर कई लोग अस्पताल पहुंच चुके हैं।
दुर्गागंज थानाक्षेत्र के जद्दूपुर गांव निवासी प्रभाकर तिवारी का घर से कुछ दूरी पर पाही बनी है। जहां पर रुक कर वह फसलों की देखरेख करते हैं। शुक्रवार को दोपहर में शौच जाते समय पीछे से गोवंश ने उन पर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें लेकर सीएचसी दुर्गागंज गए, जहां हालत चिंताजनक होने पर अधीक्षक डॉ. शुभांकर श्रीवास्तव ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां भी हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने वाराणसी रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए छुट्टा पशुओं की समस्या के समाधान की मांग की। कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण छुट्टा गोवंश सड़क से लेकर खेतों तक विचरण करते रहते हैं। ये फसलों के नुकसान के साथ-साथ जानलेवा भी साबित हो रहे हैं। यह पहली घटना नहीं है। अगस्त 2024 में चौरी के ममहर गांव में गोवंश के हमले में भोला धीवर (40) निवासी कछवां, जनपद मिर्जापुर की मौत हो गई थी। इसके अलावा सड़कों पर गोवंश से टकराकर कई बाइक सवार घायल होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं।
गोवंश के हमले में मौत होने पर सरकार की ओर से मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। इसके लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जाना आवश्यक है। एक साल में अभी एक परिवार को मुआवजा मिला है।
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दुर्गागंज थानाक्षेत्र के जद्दूपुर गांव निवासी प्रभाकर तिवारी का घर से कुछ दूरी पर पाही बनी है। जहां पर रुक कर वह फसलों की देखरेख करते हैं। शुक्रवार को दोपहर में शौच जाते समय पीछे से गोवंश ने उन पर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें लेकर सीएचसी दुर्गागंज गए, जहां हालत चिंताजनक होने पर अधीक्षक डॉ. शुभांकर श्रीवास्तव ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां भी हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने वाराणसी रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए छुट्टा पशुओं की समस्या के समाधान की मांग की। कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण छुट्टा गोवंश सड़क से लेकर खेतों तक विचरण करते रहते हैं। ये फसलों के नुकसान के साथ-साथ जानलेवा भी साबित हो रहे हैं। यह पहली घटना नहीं है। अगस्त 2024 में चौरी के ममहर गांव में गोवंश के हमले में भोला धीवर (40) निवासी कछवां, जनपद मिर्जापुर की मौत हो गई थी। इसके अलावा सड़कों पर गोवंश से टकराकर कई बाइक सवार घायल होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं।
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गोवंश के हमले में मौत होने पर सरकार की ओर से मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। इसके लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जाना आवश्यक है। एक साल में अभी एक परिवार को मुआवजा मिला है।
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