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Bhadohi News: न कवरिंग लेटर, न ही ईओ के हस्ताक्षर... फिर भी डूडा पहुंच गईं 4634 फाइलें
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नगर पालिका परिषद कार्यालय भदोही का मेंन गेट। संवाद
ज्ञानपुर। जिले में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। भदोही नगर से डूडा कार्यालय में 4634 फाइलें बिना हस्ताक्षर और मुहर के पहुंच गई। मामला सामने आने पर डूडा ने सभी फाइलों की जांच के लिए पालिका को भेज दिया है। आरोप है कि इसमें बिचौलियों और दलालों की तरफ से गड़बड़ी की गई। जिले में दो नगर पालिकाएं भदोही और गोपीगंज के अलावा पांच नगर पंचायतें ज्ञानपुर, सुरियावां, नई बाजार, खमरिया और घोसिया हैं। टीनशेड, मड़हे या जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना शुरू की। साल 2017 में शुरू हुई योजना में साल 2019 तक 27 हजार से अधिक लोगों को आवास निर्माण की मंजूरी मिली। इनमें 50 से 60 को छोड़कर करीब सभी आवास पूर्ण हो गए हैं।
साल 2024 में केंद्र में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने पर लाभार्थियों के चयन के लिए आवेदन मांगे गए। सातों नगर निकायों से करीब 34 हजार लोगों ने आवास के लिए आवेदन किया है। सत्यापन में 30 हजार आवेदन निरस्त हो गए। इसके बाद भी जो आवेदन आए थे उसमें भी 1634 में गड़बड़ी मिली। जनवरी 2026 में 1720 और सितंबर 2026 करीब दो हजार लाभार्थियों का चयन कर एक-एक लाख की पहली किस्त जारी की गई।
आवास के लिए तीसरी डीपीआर बनाने की तैयारी की जा रही थी, इसी दौरान भदोही पालिका से बिना हस्ताक्षर, मुहर की फाइलें डूडा कार्यालय भेज दी गई। इसमें कुछ सभासदों, दलालों, बिचौलियों और डूडा कर्मचारियों की भूमिका होने की बात भी सामने आई है। अभिलेखों में कुछ कागजात में कमियां मिली तो उसकी जांच की गई। जिसमें 4634 फाइलें सही नहीं मिली।
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डूडा के परियोजना अधिकारी ने अधिशासी अधिकारी भदोही को पत्र भेजकर सत्यापन कराने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि 4634 फाइलों में न कोई विभागीय पत्र और न लाभार्थियों की सूची। जांच की आहट से योजना से जुड़े बिचौलियों में खलबली मची है। फर्जीवाड़े की यह शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गई है।
गहनता से जांच हुई तो कई फंसेंगे
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की 4634 फाइलों की दोबारा जांच शुरू हुई तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। आरोप है कि आवास दिलाने के नाम पर कुछ सभासदों, दलालों और बिचौलियों ने लाभार्थियों से अवैध वसूली की और अपात्रों की फाइलें आगे बढ़ाई। सबसे गंभीर आरोप राघोपुर गांव को शहरी क्षेत्र दिखाकर योजना
का लाभ दिलाने के लिए फाइल भेज दी गई। भदोही शहर के जमुंद, हिम्मतपुर बकुचियां, कजियाना, चकइनायत, काजीपुर, जल्लापुर नई बस्ती, बंधवा नई बस्ती, छेड़ीबीर, जलालपुर, घमहापुर आदि मुहल्लों में इस तरह की गड़बड़ी सामने आई है।
डूडा कार्यालय से चार हजार से अधिक फाइलें भेजी गई हैं। उसमें कुछ कमियां बताई गई हैं। उसकी गहनता से जांच कराई जाएगी। अगर फाइलें फर्जी या अपात्र होंगी तो निरस्त की जाएगी। - दयाशंकर वर्मा, ईओ भदोही
प्रधानमंत्री आवास के आवेदनों की गहनता से जांच की जाती है। बिना कवरिंग लेटर और ईओ के हस्ताक्षर की फाइलें आई थीं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दोबारा सत्यापन के लिए भेजा गया है।- शकील अहमद, परियोजना अधिकारी डूडा
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साल 2024 में केंद्र में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने पर लाभार्थियों के चयन के लिए आवेदन मांगे गए। सातों नगर निकायों से करीब 34 हजार लोगों ने आवास के लिए आवेदन किया है। सत्यापन में 30 हजार आवेदन निरस्त हो गए। इसके बाद भी जो आवेदन आए थे उसमें भी 1634 में गड़बड़ी मिली। जनवरी 2026 में 1720 और सितंबर 2026 करीब दो हजार लाभार्थियों का चयन कर एक-एक लाख की पहली किस्त जारी की गई।
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आवास के लिए तीसरी डीपीआर बनाने की तैयारी की जा रही थी, इसी दौरान भदोही पालिका से बिना हस्ताक्षर, मुहर की फाइलें डूडा कार्यालय भेज दी गई। इसमें कुछ सभासदों, दलालों, बिचौलियों और डूडा कर्मचारियों की भूमिका होने की बात भी सामने आई है। अभिलेखों में कुछ कागजात में कमियां मिली तो उसकी जांच की गई। जिसमें 4634 फाइलें सही नहीं मिली।
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डूडा के परियोजना अधिकारी ने अधिशासी अधिकारी भदोही को पत्र भेजकर सत्यापन कराने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि 4634 फाइलों में न कोई विभागीय पत्र और न लाभार्थियों की सूची। जांच की आहट से योजना से जुड़े बिचौलियों में खलबली मची है। फर्जीवाड़े की यह शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गई है।
गहनता से जांच हुई तो कई फंसेंगे
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की 4634 फाइलों की दोबारा जांच शुरू हुई तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। आरोप है कि आवास दिलाने के नाम पर कुछ सभासदों, दलालों और बिचौलियों ने लाभार्थियों से अवैध वसूली की और अपात्रों की फाइलें आगे बढ़ाई। सबसे गंभीर आरोप राघोपुर गांव को शहरी क्षेत्र दिखाकर योजना
का लाभ दिलाने के लिए फाइल भेज दी गई। भदोही शहर के जमुंद, हिम्मतपुर बकुचियां, कजियाना, चकइनायत, काजीपुर, जल्लापुर नई बस्ती, बंधवा नई बस्ती, छेड़ीबीर, जलालपुर, घमहापुर आदि मुहल्लों में इस तरह की गड़बड़ी सामने आई है।
डूडा कार्यालय से चार हजार से अधिक फाइलें भेजी गई हैं। उसमें कुछ कमियां बताई गई हैं। उसकी गहनता से जांच कराई जाएगी। अगर फाइलें फर्जी या अपात्र होंगी तो निरस्त की जाएगी। - दयाशंकर वर्मा, ईओ भदोही
प्रधानमंत्री आवास के आवेदनों की गहनता से जांच की जाती है। बिना कवरिंग लेटर और ईओ के हस्ताक्षर की फाइलें आई थीं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दोबारा सत्यापन के लिए भेजा गया है।- शकील अहमद, परियोजना अधिकारी डूडा