ज्ञानपुर। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले शिक्षकों ने शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान सात सूत्री मांगों को लेकर आवाज बुलंद की गई। मुख्यमंत्री को संबोधित मांगों का ज्ञापन बीएसए को सौंपा। कहा कि उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
मुख्य अतिथि मंडल महामंत्री संतोष सिंह ने कहा कि प्रदेशभर में चयन वेतनमान और पेंशन सहित अनेक मुद्दों पर शिक्षकों का उत्पीड़न हो रहा है। सरकार को चाहिए कि इन मांगों पर तत्काल निर्णय ले अन्यथा शिक्षक वर्ग मजबूर होकर उग्र आंदोलन करेगा। जिलाध्यक्ष धीरज सिंह ने कहा कि भदोही के शिक्षक वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यदि सरकार शिक्षकों को सम्मान और अधिकार देने में असफल रही तो यह संघर्ष प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले लेगा। संगठन के जिला महामंत्री क्रांतिमान शुक्ल ने कहा कि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षक समुदाय अपनी ताकत दिखाने में पीछे नहीं हटेगा। शिक्षकों की मांगों में चयन वेतनमान दिलाने, एक दिन के रुके वेतन को तत्काल बहाल करने, शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन का विकल्प पत्र जमा कराने, जनवरी से मार्च तक का लंबित डीए एरियर का भुगतान आदि शामिल रहीं। इस मौके पर रितेश तिवारी, शिल्पी अग्रवाल, ज्योति वर्मा, प्रदीप मालवीय, महेश यादव, रुक्मिणी पांडेय, हरिओम श्रीवास्तव, निशांत यादव, राज कुमार दुबे, मनीष पांडेय, राजीव रतन आदि मौजूद रहे।