सुरियावां। नगर की रामलीला में वृंदावन से आए कलाकारों ने भगवान श्रीराम के वनवास काल से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का जीवंत एवं भावपूर्ण मंचन किया। चित्रकूट में भरत मिलन, जयंत की कुटिलता, शूर्पणखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध, सीता हरण एवं जटायु प्रसंग की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
रामलीला मैदान परिसर प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। रामलीला का शुभारंभ प्रधानाचार्य अजय पांडेय और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके प्रजापति ने दीप जलाकर किया। मंचन के दौरान चित्रकूट में भरत मिलन के प्रसंग ने भाई-भाई के अटूट प्रेम, त्याग और समर्पण का अनुपम संदेश दिया। वहीं शूर्पणखा प्रसंग, खर-दूषण वध और रावण द्वारा माता सीता के हरण की लीला के मंचन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। जटायु द्वारा माता सीता की रक्षा के लिए रावण से संघर्ष करने के प्रसंग ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। इस दौरान पूर्व चेयरमैन नंदलाल गुप्ता, अशोक उमर वैश्य, अवधेश उमर वैश्य, अश्वनी साहू, छेदीलाल साहू, लोकेश सेठ, जय कुमार, हरिमोहन, प्रकाश चंद, संतोष, मनीष जायसवाल, पंकज, जितेंद्र , आशुतोष, वैभव, विशाल, अमित आदि मौजूद रहे।