दुर्गागंज। थानाक्षेत्र के अर्जुनपुर गांव निवासी मजदूर जिलाजीत बिंद का शव रविवार को गोवा से घर पहुंचा। ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर शव को जहाज से मंगाया। शव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। चार दिन पूर्व गोवा में सर्पदंश से जिलाजीत की मौत हो गई थी। वह वहां नौकरी करने गया था। जिलाजीत की सात बेटियां चंदा, बिंदु, इंदु, पायल, खुशबू, प्रियंका और ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों ने कहा कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय वोट लेने आ जाते हैं लेकिन ग्रामीणों पर कोई विपत्ति आती है तो उनका दर्शन दुर्लभ हो जाता है। सीतामढ़ी घाट पर ग्रामीणों की मदद से जिलाजीत का अंतिम संस्कार किया गया। शोकसभा में पूर्वांचल प्रभारी सालिक राम यादव, डॉ. सुजीत बिंद, रमेश चंद्र बिंद, धीरज दुबे, अजय कुमार और संजय कुमार ने पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से परिवार को तत्काल सरकारी आवास, आर्थिक सहायता और बेटियों के भविष्य के लिए विशेष मदद की मांग की है।