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Bhadohi News: केएनयू में गेस्ट हाउस, 6 एकेडमिक भंवन और आवास बनेंगे
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वेदपुर में जर्जर एवं बदहाल केएनयू का भाष्कर छात्रावास। संवाद
काशी नरेश विश्वविद्यालय की तस्वीर बदलने की कवायद शुरू हो गई है। 150 करोड़ रुपये की लागत से छह एकेडमिक भवन, गेस्ट हाउस, प्रोफेसर, अधिकारी और कर्मचारियों के आवास बनाए जाएंगे।
जर्जर हो चुके आर्यभट्ट और भाष्कर छात्रावास की दशा भी सुधारी जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। कंसापुर और वेदपुर स्थित जमीन पर ये सभी भवन बनाए जाएंगे। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना आजादी के बाद 1952 में हुई थी। करीब सात दशक तक यह अलग-अलग विश्वविद्यालयों से संबद्ध रहा।
वर्ष 2026 में प्रदेश सरकार ने इसे राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा दिया। इसी सत्र से यहां कई अहम विषयों की पढ़ाई भी शुरू हो गई। कुलपति, कुलसचिव समेत अन्य अधिकारियों की तैनाती के बाद यहां पर छात्र-छात्राओं का प्रवेश चल रहा है।
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डिग्री कॉलेज से विश्वविद्यालय बनने के बाद तमाम व्यवस्थाएं बढ़ाई गईं, लेकिन भवन की कमी अब भी बनी हुई है। इस समस्या को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 150 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। जिसमें कई महत्वपूर्ण कार्य कराए जाने के प्रस्ताव शामिल हैं।
इसमें विश्वविद्यालय का अपना आधुनिक गेस्ट हाउस बनाने की बात भी शामिल है। इसके अलावा छह एकेडमिक भवन, प्रोफेसर, अधिकारी, कर्मचारियों के लिए आवास, चहारदीवारी के साथ ही पुराने एवं जर्जर हो चुके छात्रावासों की दशा सुधारने के प्रस्ताव भी शामिल हैं।
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जर्जर हो चुके आर्यभट्ट और भाष्कर छात्रावास की दशा भी सुधारी जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। कंसापुर और वेदपुर स्थित जमीन पर ये सभी भवन बनाए जाएंगे। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना आजादी के बाद 1952 में हुई थी। करीब सात दशक तक यह अलग-अलग विश्वविद्यालयों से संबद्ध रहा।
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वर्ष 2026 में प्रदेश सरकार ने इसे राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा दिया। इसी सत्र से यहां कई अहम विषयों की पढ़ाई भी शुरू हो गई। कुलपति, कुलसचिव समेत अन्य अधिकारियों की तैनाती के बाद यहां पर छात्र-छात्राओं का प्रवेश चल रहा है।
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डिग्री कॉलेज से विश्वविद्यालय बनने के बाद तमाम व्यवस्थाएं बढ़ाई गईं, लेकिन भवन की कमी अब भी बनी हुई है। इस समस्या को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 150 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। जिसमें कई महत्वपूर्ण कार्य कराए जाने के प्रस्ताव शामिल हैं।
इसमें विश्वविद्यालय का अपना आधुनिक गेस्ट हाउस बनाने की बात भी शामिल है। इसके अलावा छह एकेडमिक भवन, प्रोफेसर, अधिकारी, कर्मचारियों के लिए आवास, चहारदीवारी के साथ ही पुराने एवं जर्जर हो चुके छात्रावासों की दशा सुधारने के प्रस्ताव भी शामिल हैं।