बीमा कंपनी पर 35 हजार का जुर्माना : उपभोक्ता आयोग ने इलाज खर्च देने का दिया निर्देश, चेताया- जल्द करें भुगतान
Bhadohi News : भदोही के कोतवाली थाना क्षेत्र के पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी। यह मामला 11 दिसंबर, 2022 का है। आयोग ने इस पर सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी के अधिकारियों को फटकार लगाई है। इसके साथ ही पीड़ित को जल्द से जल्द भुगतान करने का निर्देश दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिला उपभोक्ता आयोग की अदालत ने बुधवार को इलाज में खर्च की धनराशि भुगतान न करने पर इंश्योरेंस कंपनी पर 35 हजार का जुर्माना लगाया। आयोग ने इलाज में खर्च हुए 43 हजार 569 रुपये के साथ क्लेम खारिज किये जाने से निर्णय तिथि तक उसी धनराशि पर 6 फीसदी ब्याज के साथ पीड़ित को देने का आदेश दिया। चेताया कि अगर पालन नहीं किया तो छह की जगह 12 फीसदी ब्याज से भुगतान करना होगा।
उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि ज्ञानपुर कोतवाली के पीछे निवासी भावना शंकर मिश्रा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से चार मार्च 2024 को उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करायी।
स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी व श्री बालाजी कंपलेक्स चेन्नई तमिलनाडु के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि बीमा कंपनी द्वारा चिकित्सा में हुए खर्च हुए 43 हजार 569 भुगतान नहीं किया जा रहा है।
बीमा कंपनी के अधिकारियों को आयोग ने फटकारा
बताया कि उनके पुत्र अजयदीप मिश्रा ने फैमिली हेल्थ ऑप्टिमा इंश्योरेंस 11 दिसंबर, 2022 से 10 दिसंबर, 2023 के लिए क्रय किया था। जिसमें उन्होंने अपने साथ पिता भावना शंकर मिश्रा और मां लक्ष्मी नाथ मिश्र को भी कवर कर किया था।
बताया कि अगस्त, 2023 में वे अपने बेटे अजयदीप मिश्रा के पास गुरुग्राम मिलने गई। जहां उनकी तबीयत खराब हो गई। उन्होंने वहीं पर एक निजी अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराया। बताया कि उनको डेंगू हुआ था। कैशलेस ट्रीटमेंट को अस्पताल के माध्यम से क्लेम करने पर इंश्योरेंस कंपनी ने उनके क्लेम को खारिज कर दिया। इस मामले में इंश्योरेंस कंपनी को नोटिस जारी की गयी।
मामले में सुनवाई करते हुए उपभोक्ता आयोग के न्यायाधीश अध्यक्ष संजय कुमार डे के साथ सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव व सदस्य विजय बहादुर सिंह की पीठ ने बीमा कंपनी को दो माह के अंदर उपभोक्ता को उसके इलाज में किए गए खर्च के लिए 43 हजार 569 रुपये अदा करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही क्लेम खारिज करने की तिथि 20 सितंबर 2023 से निर्णय की तिथि तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भुगतान करने का आदेश दिया। कोर्ट ने पीड़ित की सेवा में कमी के लिए 25 हजार और वाद व्यय का 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया।