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Bhadohi News: तीन दिन में 4.5 मीटर बढ़ी गंगा, नौका संचालन फिर बंद
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सीतामढ़ी गंगा घाट पर बढ़ रहा बाढ़ के पानी । संवाद
सीतामढ़ी। जिले में गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी है। बीते तीन दिनों में गंगा का जलस्तर साढ़े चार मीटर तक बढ़ चुका है। तेजी से बढ़ रहे जलस्तर के कारण तटवर्ती लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है। बीते 24 घंटे में जलस्तर में लगभग एक मीटर की वृद्धि और हो गई है। इस सीजन में गंगा तीसरी बार उफान पर हैं। केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज के अनुसार बुधवार को गंगा का जलस्तर 78.800 मीटर पहुंच गया है। घाटों पर नौका संचालन फिर बंद हो गया है।
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से अब सिर्फ सवा मीटर पीछे है। यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। गंगा में कई नदियों का पानी छोड़े जाने से एक बार फिर बाढ़ की स्थिति बनने लगी है। सीतामढ़ी स्थित केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज पर जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से तीन ओर गंगा से घिरे कोनिया क्षेत्र के तटवर्ती इलाके में लोग चौकन्ना हो गए हैं। बढ़ रहे जलस्तर से गंगा कटान प्रभावित छेछुआ, भुर्रा, इटहरा गांवों में किसानों की खेती की जमीन की आंशिक कटान शुरू हो गई है। बुधवार शाम तक गंगा का जल स्तर 78.800 मीटर पार कर गया। महज तीन दिनों में ही जलस्तर में करीब 4.5 मीटर की भारी वृद्धि हो गई है। बुधवार को उफनाई गंगा को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने गंगा में नौका संचालन बंद करवा दिया। अब सीतामढ़ी-मिश्रपुर गंगा घाटों के बीच नौका संचालन बंद हो गया है। इससे गंगा आर-पार जाने वालों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
पिछले दिनों गंगा की बाढ़ के कारण कोनिया के किसानों की ज्वार, बाजरा, अरहर, आदि फसलें बाढ़ में डूब गई थीं। इससे किसानों की फसल चौपट हो गई थी। एक बार फिर गंगा के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई है। बाढ़ को देखते हुए कोनिया के किसान चिंतित हैं। जिला प्रशासन की ओर से भी तटवर्ती इलाकों पर नजर रखी जा रही है। वहीं कंट्रोल रूम को भी अलर्ट कर दिया गया है।
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गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से अब सिर्फ सवा मीटर पीछे है। यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। गंगा में कई नदियों का पानी छोड़े जाने से एक बार फिर बाढ़ की स्थिति बनने लगी है। सीतामढ़ी स्थित केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज पर जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने से तीन ओर गंगा से घिरे कोनिया क्षेत्र के तटवर्ती इलाके में लोग चौकन्ना हो गए हैं। बढ़ रहे जलस्तर से गंगा कटान प्रभावित छेछुआ, भुर्रा, इटहरा गांवों में किसानों की खेती की जमीन की आंशिक कटान शुरू हो गई है। बुधवार शाम तक गंगा का जल स्तर 78.800 मीटर पार कर गया। महज तीन दिनों में ही जलस्तर में करीब 4.5 मीटर की भारी वृद्धि हो गई है। बुधवार को उफनाई गंगा को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने गंगा में नौका संचालन बंद करवा दिया। अब सीतामढ़ी-मिश्रपुर गंगा घाटों के बीच नौका संचालन बंद हो गया है। इससे गंगा आर-पार जाने वालों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।
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पिछले दिनों गंगा की बाढ़ के कारण कोनिया के किसानों की ज्वार, बाजरा, अरहर, आदि फसलें बाढ़ में डूब गई थीं। इससे किसानों की फसल चौपट हो गई थी। एक बार फिर गंगा के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई है। बाढ़ को देखते हुए कोनिया के किसान चिंतित हैं। जिला प्रशासन की ओर से भी तटवर्ती इलाकों पर नजर रखी जा रही है। वहीं कंट्रोल रूम को भी अलर्ट कर दिया गया है।
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