{"_id":"677c21cca2d1e5a56e05eb17","slug":"farmer-registry-made-for-only-30-thousand-farmers-out-of-186-lakh-bhadohi-news-c-191-1-svns1015-120946-2025-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: 1.86 लाख में से सिर्फ 30 हजार किसानों की बनी फार्मर रजिस्ट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: 1.86 लाख में से सिर्फ 30 हजार किसानों की बनी फार्मर रजिस्ट्री
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। किसानों की खतौनी को डिजिटल करने की मुहिम कालीन नगरी में सुस्त है। करीब डेढ़ महीने में एक लाख 86 हजार किसानों में केवल 30 हजार की फार्मर रजिस्ट्री बन सकी है। अब भी डेढ़ लाख की किसानों की रजिस्ट्री नहीं बनी। समय रहते इसे पूरा नहीं किया गया तो एक लाख किसानों की सम्मानि निधि की 19वीं किस्त फंसेगी।
एग्री स्टैक के तहत जिले के हर खेत की आईडी बनेगी। इसके लिए किसान रजिस्ट्री होगी। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के पात्र किसानों को लाभ मिलेगा। वैसे तो जून-जुलाई में उक्त योजना की शुरूआत की गई, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण मामला अधर में लटक गया। उसके बाद 18 नवंबर से 31 दिसंबर तक विशेष अभियान के तहत किसान रजिस्ट्री बनाने का निर्देश दिया गया।
इसमें कृषि, राजस्व सहित कई विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। डेढ़ महीने से अधिक समय गुजर गए, लेकिन फार्मर रजिस्ट्री बनाने का काम धीरे है। अब तक एक लाख 86 हजार किसानों के सापेक्ष सिर्फ 30 हजार 511 किसानों की रजिस्ट्री तैयार हो सकी है।
विज्ञापन
उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी सिंह ने कहा कि शिविर लगाकर फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा रही है। तकनीकी कारणों से परेशानी हो रही हैं। आधार और खतौनी में नाम अलग-अलग होने से किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया कि किसान सहज जन सेवा केंद्र, स्वयं के मोबाइल से एप पर जाकर भी फार्मर रजिस्ट्री तैयार कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि शासन से छूट मिलने के कारण किसान स्वयं इसे तैयार कर सकता है। बताया कि किसान रजिस्ट्री तैयार करने के लिए विकसित मोबाइल एप पर सभी गाटों को आधार से लिंक कराया जाएगा। इसमें किसान का नाम, पिता का नाम, सह खातेदार का नाम, गाटा में किसान का अंश, मोबाइल नंबर, ई-केवाईसी सभी रजिस्ट्री में दर्ज किया जाएगा। इससे किसान को आपदा एवं सूखा आकलन में फायदा मिलेगा।
एग्री स्टैक के तहत जिले के हर खेत की आईडी बनेगी। इसके लिए किसान रजिस्ट्री होगी। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के पात्र किसानों को लाभ मिलेगा। वैसे तो जून-जुलाई में उक्त योजना की शुरूआत की गई, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण मामला अधर में लटक गया। उसके बाद 18 नवंबर से 31 दिसंबर तक विशेष अभियान के तहत किसान रजिस्ट्री बनाने का निर्देश दिया गया।
विज्ञापन
इसमें कृषि, राजस्व सहित कई विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। डेढ़ महीने से अधिक समय गुजर गए, लेकिन फार्मर रजिस्ट्री बनाने का काम धीरे है। अब तक एक लाख 86 हजार किसानों के सापेक्ष सिर्फ 30 हजार 511 किसानों की रजिस्ट्री तैयार हो सकी है।
विज्ञापन
उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी सिंह ने कहा कि शिविर लगाकर फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा रही है। तकनीकी कारणों से परेशानी हो रही हैं। आधार और खतौनी में नाम अलग-अलग होने से किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया कि किसान सहज जन सेवा केंद्र, स्वयं के मोबाइल से एप पर जाकर भी फार्मर रजिस्ट्री तैयार कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि शासन से छूट मिलने के कारण किसान स्वयं इसे तैयार कर सकता है। बताया कि किसान रजिस्ट्री तैयार करने के लिए विकसित मोबाइल एप पर सभी गाटों को आधार से लिंक कराया जाएगा। इसमें किसान का नाम, पिता का नाम, सह खातेदार का नाम, गाटा में किसान का अंश, मोबाइल नंबर, ई-केवाईसी सभी रजिस्ट्री में दर्ज किया जाएगा। इससे किसान को आपदा एवं सूखा आकलन में फायदा मिलेगा।