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Bhadohi News: सर्दियों में कम पानी पीने से कोल्ड स्ट्रोक व लो ब्लड प्रेशर की समस्या
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ज्ञानपुर। सर्दियों में कम पानी पीने से कई लोगों में लो ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है। अस्पताल में इन दिनों हर दिन 70 से 80 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जिन्हें लो ब्लड प्रेशर और गले में दर्द संबंधी समस्या देखने को मिल रही है। इन लोगों ने दिन में केवल तीन से चार गिलास ही पानी पिया था। चिकित्सकों के अनुसार शरीर में पानी कम होने के दुष्प्रभाव से कोल्ड स्ट्रोक का खतरा होता है। जिससे हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक के साथ गुर्दे भी खराब हो सकते हैं।
जिले में इन दिनों हाड़कंपाऊं ठंड पड़ रही है। स्थिति यह है कि बीते तीन दिनों से सूर्य देव के दर्शन नहीं हो सके हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही लोग पानी पीना भी कम कर दिए हैं। चिकित्सकों के अनुसार सर्दियों के समय दिन में कम से कम पांच से छह लीटर पानी पीना अनिवार्य होता है, लेकिन ठंड में अधिकतर लोग दिन में केवल साढ़े तीन से चार गिलास ही पानी पी रहे हैं।
ठंड बढ़ते ही जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी और पीएचसी में बुखार, उल्टी, दस्त, सीने में दर्द, शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन आदि के मरीज बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 700 से 800 मरीज पहुंचते हैं। इनमें औसत 70 से 80 लोगों में यहीं लक्षण पाए जा रहे हैं।
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जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि ठंड के मौसम में लोग पानी पीना कम कर देते हैं। इससे बीमारियों की चपेट में आते हैं। कई बार शरीर में कम पानी के कारण डिहाइड्रेशन होता है और शरीर के कई अंगों में सुन्नपन की समस्या आती है। वहीं कोल्ड स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे कई बार हार्ट अटैक व ब्रेन अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है।
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सर्दियों में कम पानी पीने से होती हैं ये समस्याएं
-त्वचा रूखी हो सकती है।
-थकान और सुस्ती आ सकती है।
-पाचन में दिक्कत हो सकती है।
-किडनी की समस्याएं हो सकती हैं।
-जोड़ों में दर्द और सूजन हो सकता है।
जिले में इन दिनों हाड़कंपाऊं ठंड पड़ रही है। स्थिति यह है कि बीते तीन दिनों से सूर्य देव के दर्शन नहीं हो सके हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही लोग पानी पीना भी कम कर दिए हैं। चिकित्सकों के अनुसार सर्दियों के समय दिन में कम से कम पांच से छह लीटर पानी पीना अनिवार्य होता है, लेकिन ठंड में अधिकतर लोग दिन में केवल साढ़े तीन से चार गिलास ही पानी पी रहे हैं।
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ठंड बढ़ते ही जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी और पीएचसी में बुखार, उल्टी, दस्त, सीने में दर्द, शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन आदि के मरीज बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 700 से 800 मरीज पहुंचते हैं। इनमें औसत 70 से 80 लोगों में यहीं लक्षण पाए जा रहे हैं।
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जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि ठंड के मौसम में लोग पानी पीना कम कर देते हैं। इससे बीमारियों की चपेट में आते हैं। कई बार शरीर में कम पानी के कारण डिहाइड्रेशन होता है और शरीर के कई अंगों में सुन्नपन की समस्या आती है। वहीं कोल्ड स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे कई बार हार्ट अटैक व ब्रेन अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है।
सर्दियों में कम पानी पीने से होती हैं ये समस्याएं
-त्वचा रूखी हो सकती है।
-थकान और सुस्ती आ सकती है।
-पाचन में दिक्कत हो सकती है।
-किडनी की समस्याएं हो सकती हैं।
-जोड़ों में दर्द और सूजन हो सकता है।