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जियो लोकेशन में 88 स्कूलों में गड़बड़ी, कसेगा शिकंजा
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ज्ञानपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से वर्ष 2022 में आयोजित की जाने वाली बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारण की कोशिशें तेज हो गई हैं। उधर, केंद्र बनाने के लिए स्कूलों ने भी गलत जानकारी दे दी है। जिले के 183 माध्यमिक और इंटर कालेजों में 88 स्कूलों के जियो लोकेशन गलत मिले हैं। 16 सदस्यीय टीम की जांच में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
फरवरी- मार्च में संभावित बोर्ड परीक्षा की तैयारी अक्तूबर से शुरू हो जाती है। केंद्र निर्धारण के लिए स्कूलों में शौचालय, पेयजल, सीसीटीवी कैमरों संग अन्य भौतिक संसाधनों की जांच की जाती है। सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने वाले विद्यालय ही केंद्र बनाए जाते हैं। इसके लिए ऑनलाइन जियो लोकेशन तय की जाती है। 33 राजकीय, वित्तविहीन और वित्तपोषित सहित कुल 183 माध्यमिक और इंटर कॉलेज को केंद्र निर्धारण के लिए भौतिक संसाधन की जानकारी ऑनलाइन अपलोड करने के साथ ही जियो लोकेशन को भी तय करना था। इसमें बड़ी संख्या में कॉलेजों ने मनमानी की। डीएम आर्यका अखौरी के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने तीन नोडल अधिकारियों की निगरानी में 16 सदस्यीय टीम को जियो लोकेशन की जांच सौंपी। टीम ने जांच की तो 88 स्कूलों की ओर से तय की गई लोकेशन में काफी खामियां पाई गईं। जिसको लेकर विभाग सख्त हो गया है। डीआईओएस एनएल गुप्ता का कहना है कि जिन स्कूलों में जियो लोकेशन सही नहीं मिली है, उसे सही कराया जाएगा। जहां संसाधन आदि की सुविधाएं नहीं हैं, उन्हें केंद्र नहीं बनाया जाएगा। डीआईओएस एनएल गुप्ता का कहना है कि केंद्र निर्धारण के लिए 88 स्कूलों की जियो लोकेशन सही नहीं मिली है। 14 दिसंबर तक तीनों तहसीलों के नोडल अधिकारी रिपोर्ट सौपेंगे। उसी के आधार पर स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
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फरवरी- मार्च में संभावित बोर्ड परीक्षा की तैयारी अक्तूबर से शुरू हो जाती है। केंद्र निर्धारण के लिए स्कूलों में शौचालय, पेयजल, सीसीटीवी कैमरों संग अन्य भौतिक संसाधनों की जांच की जाती है। सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने वाले विद्यालय ही केंद्र बनाए जाते हैं। इसके लिए ऑनलाइन जियो लोकेशन तय की जाती है। 33 राजकीय, वित्तविहीन और वित्तपोषित सहित कुल 183 माध्यमिक और इंटर कॉलेज को केंद्र निर्धारण के लिए भौतिक संसाधन की जानकारी ऑनलाइन अपलोड करने के साथ ही जियो लोकेशन को भी तय करना था। इसमें बड़ी संख्या में कॉलेजों ने मनमानी की। डीएम आर्यका अखौरी के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने तीन नोडल अधिकारियों की निगरानी में 16 सदस्यीय टीम को जियो लोकेशन की जांच सौंपी। टीम ने जांच की तो 88 स्कूलों की ओर से तय की गई लोकेशन में काफी खामियां पाई गईं। जिसको लेकर विभाग सख्त हो गया है। डीआईओएस एनएल गुप्ता का कहना है कि जिन स्कूलों में जियो लोकेशन सही नहीं मिली है, उसे सही कराया जाएगा। जहां संसाधन आदि की सुविधाएं नहीं हैं, उन्हें केंद्र नहीं बनाया जाएगा। डीआईओएस एनएल गुप्ता का कहना है कि केंद्र निर्धारण के लिए 88 स्कूलों की जियो लोकेशन सही नहीं मिली है। 14 दिसंबर तक तीनों तहसीलों के नोडल अधिकारी रिपोर्ट सौपेंगे। उसी के आधार पर स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
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