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सीएमओ कार्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप, एसीएमओ ने खोला पोल
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ज्ञानपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी भदोही के कार्यालय में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। यहां आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण को लेकर चल रहे खेल की पोल नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विवेक प्रकाश श्रीवास्तव ने खोल दी है। उन्होंने सीएमओ को पत्र लिखकर कहा है कि वह आईजीआरएस के नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करने में असमर्थ हैं। अपने किसी चहेते अधिकारी को नोडल अधिकारी बना लें।
एक अक्तूबर को लिखे गए पत्र में आईजीआरएस के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा है कि उन्हें आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है, लेकिन संबंधित पत्रावलियों को वहां के कर्मी द्वारा प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में शिकायतों के समय से निस्तारित न होने से मामला डिफाल्टर स्थिति तक पहुंच रहा है। बीते दिनों कार्यालय के एक लिपिक के विरुद्ध भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायतों से संबंधित प्रकरण को मुझसे छिपाया गया। मुझे बगैर बताए ही डिप्टी सीएमओ डॉ. जयचंद्र सरोज एवं एसीएमओ डॉ. जेपी सिंह द्वारा जांच की जा रही थी। पूछने पर बताया गया कि मौखिक आदेश मिलने पर जांच की जा रही है। नोडल अधिकारी ने कहा कि जिस लिपिक पर आरोप है उसे 6-7 वर्षों से एक ही पटल पर बनाए रखना शासन की मंशा के विपरीत है। कहा कि इन स्थितियों में आईजीआरएस के नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करने में असमर्थ हैं।
इस मामले की जानकारी हुई है, पूरे मामले की जांच करायी जाएगी। एक सप्ताह में जो भी दिक्कतें हैं उसे दूर कर ली जाएंगी। साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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- डॉ. संतोष कुमार चक, सीएमओ-भदोही
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एक अक्तूबर को लिखे गए पत्र में आईजीआरएस के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा है कि उन्हें आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है, लेकिन संबंधित पत्रावलियों को वहां के कर्मी द्वारा प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में शिकायतों के समय से निस्तारित न होने से मामला डिफाल्टर स्थिति तक पहुंच रहा है। बीते दिनों कार्यालय के एक लिपिक के विरुद्ध भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायतों से संबंधित प्रकरण को मुझसे छिपाया गया। मुझे बगैर बताए ही डिप्टी सीएमओ डॉ. जयचंद्र सरोज एवं एसीएमओ डॉ. जेपी सिंह द्वारा जांच की जा रही थी। पूछने पर बताया गया कि मौखिक आदेश मिलने पर जांच की जा रही है। नोडल अधिकारी ने कहा कि जिस लिपिक पर आरोप है उसे 6-7 वर्षों से एक ही पटल पर बनाए रखना शासन की मंशा के विपरीत है। कहा कि इन स्थितियों में आईजीआरएस के नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करने में असमर्थ हैं।
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इस मामले की जानकारी हुई है, पूरे मामले की जांच करायी जाएगी। एक सप्ताह में जो भी दिक्कतें हैं उसे दूर कर ली जाएंगी। साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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- डॉ. संतोष कुमार चक, सीएमओ-भदोही