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प्रधान पर कसेगा शिकंजा
Updated Thu, 03 Aug 2017 12:50 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। अभोली विकास खंड के सेमरा हरिकरनपुर के ग्राम प्रधान की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। फर्जी पट्टा आवंटन, गवाह को धमकाने के मामले में एफआईआर के बाद प्रशासन अब तीसरे मुकदमे की तैयारी में है। जांच करने गए अधिकारी से बदसलूकी और विवाद मामले में प्रधान समेत पांच लोगों को चिह्नित किया गया है। जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को विधिक कार्रवाई का निर्देश दिया है।
अभोली विकास खंड के सेमरा हरिकरनपुर गांव के ग्रामीणों ने कुछ माह पूर्व आईजीआरएस पटल पर प्रधान के खिलाफ शिकायत किया था। जिसमें विकास कार्यों में गड़बड़ी, मनरेगा मजदूरी में धांधली, बेटे के फर्जी फर्म से सरकारी पैसे में घपलेबाजी की शिकायत की थी। डीएम ने जांच अधिकारी बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव को नामित किया। सात जुलाई को बीएसए गांव में जांच करने के लिए गए, लेकिन विवाद के चलते जांच पूरी नहीं हो सकी। 26 जुलाई को दुबारा बीएसए ने अपने प्रतिनिधि को जांच के लिए भेजा। इस दौरान वादी-प्रतिवादी पक्ष के लोगों ने जांच अधिकारी से बदसलूकी की। जांच के दौरान लिए गए वीडियो में ग्राम प्रधान प्रधान मेवालाल, उनके बेटे अरविंद कुमार, मंजनू गौतम, मुमताज अली और नन्हें को चिह्नित किया गया है। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम विशाख जी ने डीपीआरओ को कार्रवाई का निर्देश दिया। बताते चलें कि ग्रामसभा में अवैध तरीके से पट्टा आवंटन को लेकर पूर्व में ही प्रधान पर केस दर्ज किया जा चुका है। दो दिन पूर्व गवाह को धमकाने में भी प्रधान पर एफआईआर दर्ज किया गया।
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अभोली विकास खंड के सेमरा हरिकरनपुर गांव के ग्रामीणों ने कुछ माह पूर्व आईजीआरएस पटल पर प्रधान के खिलाफ शिकायत किया था। जिसमें विकास कार्यों में गड़बड़ी, मनरेगा मजदूरी में धांधली, बेटे के फर्जी फर्म से सरकारी पैसे में घपलेबाजी की शिकायत की थी। डीएम ने जांच अधिकारी बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव को नामित किया। सात जुलाई को बीएसए गांव में जांच करने के लिए गए, लेकिन विवाद के चलते जांच पूरी नहीं हो सकी। 26 जुलाई को दुबारा बीएसए ने अपने प्रतिनिधि को जांच के लिए भेजा। इस दौरान वादी-प्रतिवादी पक्ष के लोगों ने जांच अधिकारी से बदसलूकी की। जांच के दौरान लिए गए वीडियो में ग्राम प्रधान प्रधान मेवालाल, उनके बेटे अरविंद कुमार, मंजनू गौतम, मुमताज अली और नन्हें को चिह्नित किया गया है। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम विशाख जी ने डीपीआरओ को कार्रवाई का निर्देश दिया। बताते चलें कि ग्रामसभा में अवैध तरीके से पट्टा आवंटन को लेकर पूर्व में ही प्रधान पर केस दर्ज किया जा चुका है। दो दिन पूर्व गवाह को धमकाने में भी प्रधान पर एफआईआर दर्ज किया गया।
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