बस्ती। शहर की सबसे वीआईपी सिविल लाइंस क्षेत्र में उद्यान गेट के सामने शिवमंदिर से अमहट तक की सड़क के चौड़ीकरण में अभी वक्त लगेगा। डीजल-पेट्रोल की किल्लत और तारकोल की लागत बढ़ने से सड़क का निर्माण कार्य ठप हो गया है। 810 मीटर लंबी इस सड़क को टू-लेन बनाने की कवायद शुरू हुई थी। इसके लिए दो करोड़ 15 लाख 83 हजार रुपये का बजट भी अवमुक्त हो गया है। सड़क की दोनों पटरियों पर खोदाई करके बोल्डर गिट्टी की कुटाई ही केवल हो पाई है। इसके बाद ठेकेदार ने निर्माण ठप कर दिया है।
उद्यान गेट के सामने से कमिश्नर कार्यालय और आवास, कृषि भवन, डीएम- एसपी आवास तथा नए सर्किट हाउस को जोड़ने वाली सड़क पांच मीटर से टू-लेन में बदली जानी है। ताकि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान आवागमान सुचारू रूप से बहाल हो सके। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड- एक ने दो महीने पहले ही इस सड़क के चौड़ीकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया था। दावा किया गया तीन महीने में यह सड़क चौड़ी करके चमका दी जाएगी। इसके लिए सड़क के दोनों तरफ खाली पटरियों की खोदाई करके गिट्टी की कुटाई का कार्य भी पूरा किया गया। इसी बीच डीजल-पेट्रोल की किल्लत बढ़ गई। इसके अलावा तारकोल की कीमत में भी उछाल आ गया। डीजल-पेट्रोल की किल्लत के चलते हॉटमिक्स प्लांट से बनने वाली इस सड़क का कार्य अटक गया है। ठेकेदार का तर्क हैं कि मशीनों के संचालन के लिए डीजल की पर्याप्त आवश्यकता होती है। डीजल न मिलने की वजह से हॉट मिक्स प्लांट से सड़क बनाना कठिन हो गया है। ऊपर से तारकोल की कीमत में उछाल आ गया है। जबकि तारकोल के पुराने कीमत पर सड़क का एस्टीमेट बनाया गया है। ऐसे में निर्माण की लागत अब बढ़ गई है। इसलिए निर्माण में रुकावट आ रही है।