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Basti News: विज्ञान केंद्र को देश और प्रदेश के लिए माॅडल बनाने का करें प्रयास
Fri, 15 Sep 2023 02:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 15 Sep 2023 02:17 AM IST
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कमिश्नर अखिलेश सिंह ने कृषि विज्ञान केन्द्र बंजरिया का किया निरीक्षण।
बस्ती। आयुक्त अखिलेश सिंह ने बृहस्पतिवार को आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या की ओर से जिले में संचालित कृषि विज्ञान केंद्र बंजरिया का भ्रमण किया। उन्होेंने नवीनतम तकनीक से तैयार नर्सरी का अवलोकन किया। कहा कि इस केंद्र को देश और प्रदेश के लिए माॅडल बनाने का प्रयास किया जाए।
केंद्र की ओर से विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों, नेट हाउस एवं पाली हाउस के अंदर उगाई जा रही सब्जियों (टमाटर, बैगन, मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी, लौकी, तरोई, करेला) की नवीनतम प्रजातियों को दिखाया गया। रंगीन आम, अमरूद, लीची, सेब, अनार, कीवी, अंजीर, आडू बुखारा, मौसमी, ऑवला आदि के मातृ वृक्षों का अवलोकन कराया गया। केंद्राध्यक्ष प्रोफेसर एसएन सिंह ने बताया कि इस केंद्र को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कृषि विज्ञान प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। केंद्र के माध्यम से पूर्वांचल के 11 जनपदों के कृषकों को कालानमक धान की उन्नतिशील प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। आयुक्त ने निर्देश दिए कि नवीनतम तकनीकों का जिले की एग्रो क्लाईमेट में परीक्षण कर संस्तुति देने का कार्य किया जाए। किसानों को वर्ष भर नवीनतम प्रजातियों की सब्जी नर्सरी की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए।
आयुक्त ने कहा कि सभी वैज्ञानिक जनपद के बेरोजगार नवयुवकों को उन्नत तकनीक की जानकारी देकर रोजगार से जोड़े। कृषि का जीडीपी में 16.38 प्रतिशत योगदान है। खेती पर निर्भरता लगभग 65 प्रतिशत है। उन्होंने गुड़ प्रसंस्करण इकाई का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर डॉ डीके श्रीवास्तव, डाॅ. वीबी सिंह, डाॅ. प्रेम शंकर, निखिल सिंह मौजूद रहे।
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केंद्र की ओर से विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों, नेट हाउस एवं पाली हाउस के अंदर उगाई जा रही सब्जियों (टमाटर, बैगन, मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी, लौकी, तरोई, करेला) की नवीनतम प्रजातियों को दिखाया गया। रंगीन आम, अमरूद, लीची, सेब, अनार, कीवी, अंजीर, आडू बुखारा, मौसमी, ऑवला आदि के मातृ वृक्षों का अवलोकन कराया गया। केंद्राध्यक्ष प्रोफेसर एसएन सिंह ने बताया कि इस केंद्र को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कृषि विज्ञान प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। केंद्र के माध्यम से पूर्वांचल के 11 जनपदों के कृषकों को कालानमक धान की उन्नतिशील प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। आयुक्त ने निर्देश दिए कि नवीनतम तकनीकों का जिले की एग्रो क्लाईमेट में परीक्षण कर संस्तुति देने का कार्य किया जाए। किसानों को वर्ष भर नवीनतम प्रजातियों की सब्जी नर्सरी की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए।
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आयुक्त ने कहा कि सभी वैज्ञानिक जनपद के बेरोजगार नवयुवकों को उन्नत तकनीक की जानकारी देकर रोजगार से जोड़े। कृषि का जीडीपी में 16.38 प्रतिशत योगदान है। खेती पर निर्भरता लगभग 65 प्रतिशत है। उन्होंने गुड़ प्रसंस्करण इकाई का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर डॉ डीके श्रीवास्तव, डाॅ. वीबी सिंह, डाॅ. प्रेम शंकर, निखिल सिंह मौजूद रहे।
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