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लक्षण वाले कोमार्बिड बच्चे होम आइसोलेशन में नहीं रहेंगे
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लक्षण वाले कोमार्बिड बच्चे होम आइसोलेशन में नहीं रहेंगे
कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए आयोजित चिकित्सकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में दी गई सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों के उपचार की पर्याप्त व्यवस्था है। इसकी व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
ये बातें एसीएमओ डॉ. एफ हुसैन ने कहीं। मौका था एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के मद्देनजर चिकित्सकों के दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण का। उन्होंने कहा कि समय के साथ इलाज में व्यापक बदलाव हुआ है। दो दिवसीय प्रशिक्षण इसी को देखते हुए आयोजित किया गया है।
प्रशिक्षक डॉ. आफताब रजा ने कहा कि शासन की ओर से कोविड प्रबंधन व इलाज का नया मॉड्यूल जारी किया गया है। बड़ों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाएं अब बंद कर दी गई हैं। छोटे बच्चों की श्रेणी में रोग प्रतिरोधक दवाइयों की आवश्यकता नहीं है। किस समय बच्चे को ऑक्सीजन की जरूरत होगी, किस समय उसे वेंटीलेटर पर रखना जरूरी होगा और वेंटीलेटर पर रखने के बाद कौन-कौन सी सावधानी बरतनी होगी, यह सब जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोमार्बिड व गंभीर दशा वाले बच्चे में अगर कोविड के लक्षण हैं तो उसे होम आइसोलेशन में कदापि न रखें। 94 प्रतिशत से ज्यादा ऑक्सीजन लेवल वाले बच्चों को ही होम आइसोलेशन में रखने की सलाह दें।
प्रशिक्षक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि पीडियाट्रिक कोविड मैनेजमेंट के बल पर कोविड की तीसरी लहर का सामना कामयाबी के साथ किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दूसरे दिन मंगलवार को चिकित्सकों व स्टॉफ नर्स को जिला अस्पताल के पीआईसीयू लाया गया, जहां पर वेंटीलेटर, नेबुलाईजेशन, ऑक्सीजन कंसंनट्रेटर के इस्तेमाल आदि के बारे में प्रायोगिक जानकारी दी गई। चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार, डॉ. पुरूषोत्तम, डॉ. अलका शुक्ला, डॉ. जेपी चैधरी, डॉ. केसी गांधी, डॉ. पंकज शुक्ला, डॉ.तैयब अंसारी, डॉ. आरके यादव, डॉ. सरदार मेंहदी, डॉ. रविंद्र कुमार वर्मा, डॉ. पीके चैधरी, डॉ. सरफराज अहमद, डॉ. विजय यादव, डॉ. वीके मिश्र सहित अन्य चिकित्सक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल रहे।
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क्या है कोमार्बिड
गंभीर अथवा सामान्य बीमारी से ग्रसित बच्चों को कोमार्बिड कहते हैं। ये बच्चे शुुगर, टीबी, कैंसर आदि बीमारियों से बच्चे भी ग्रसित होते हैं। इनका इलाज कोरोना की तीसरी लहर में अस्पताल में भर्ती कर किया जाएगा। यह जानकारी एसीएमओ डॉ. फखरेयार हुसैन ने दी है।
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए आयोजित चिकित्सकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में दी गई सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों के उपचार की पर्याप्त व्यवस्था है। इसकी व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
ये बातें एसीएमओ डॉ. एफ हुसैन ने कहीं। मौका था एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के मद्देनजर चिकित्सकों के दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण का। उन्होंने कहा कि समय के साथ इलाज में व्यापक बदलाव हुआ है। दो दिवसीय प्रशिक्षण इसी को देखते हुए आयोजित किया गया है।
प्रशिक्षक डॉ. आफताब रजा ने कहा कि शासन की ओर से कोविड प्रबंधन व इलाज का नया मॉड्यूल जारी किया गया है। बड़ों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाएं अब बंद कर दी गई हैं। छोटे बच्चों की श्रेणी में रोग प्रतिरोधक दवाइयों की आवश्यकता नहीं है। किस समय बच्चे को ऑक्सीजन की जरूरत होगी, किस समय उसे वेंटीलेटर पर रखना जरूरी होगा और वेंटीलेटर पर रखने के बाद कौन-कौन सी सावधानी बरतनी होगी, यह सब जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोमार्बिड व गंभीर दशा वाले बच्चे में अगर कोविड के लक्षण हैं तो उसे होम आइसोलेशन में कदापि न रखें। 94 प्रतिशत से ज्यादा ऑक्सीजन लेवल वाले बच्चों को ही होम आइसोलेशन में रखने की सलाह दें।
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प्रशिक्षक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि पीडियाट्रिक कोविड मैनेजमेंट के बल पर कोविड की तीसरी लहर का सामना कामयाबी के साथ किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दूसरे दिन मंगलवार को चिकित्सकों व स्टॉफ नर्स को जिला अस्पताल के पीआईसीयू लाया गया, जहां पर वेंटीलेटर, नेबुलाईजेशन, ऑक्सीजन कंसंनट्रेटर के इस्तेमाल आदि के बारे में प्रायोगिक जानकारी दी गई। चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार, डॉ. पुरूषोत्तम, डॉ. अलका शुक्ला, डॉ. जेपी चैधरी, डॉ. केसी गांधी, डॉ. पंकज शुक्ला, डॉ.तैयब अंसारी, डॉ. आरके यादव, डॉ. सरदार मेंहदी, डॉ. रविंद्र कुमार वर्मा, डॉ. पीके चैधरी, डॉ. सरफराज अहमद, डॉ. विजय यादव, डॉ. वीके मिश्र सहित अन्य चिकित्सक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल रहे।
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क्या है कोमार्बिड
गंभीर अथवा सामान्य बीमारी से ग्रसित बच्चों को कोमार्बिड कहते हैं। ये बच्चे शुुगर, टीबी, कैंसर आदि बीमारियों से बच्चे भी ग्रसित होते हैं। इनका इलाज कोरोना की तीसरी लहर में अस्पताल में भर्ती कर किया जाएगा। यह जानकारी एसीएमओ डॉ. फखरेयार हुसैन ने दी है।