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10 घंटे गुल रही शहर की बिजली
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 22 May 2016 12:15 AM IST
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गांधीकला भवन के पास टूटे बिजली का तार ठीक करते लाइन मैन।
- फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। शनिवार तड़के करीब तीन बजे आई आंधी से शहर का जनजीवन प्रभावित हुआ। मकान की छत और दीवारें ढह गईं। जगह-जगह पेड़ गिर गए और डाल टूटकर गिर गईं। मड़वानगर, बड़ेवन, आवास विकास कालोनी, रौता, केंद्रीय विद्यालय, सिविल लाइंस, कचहरी, कटरा, अमहट और हथियागढ़ क्षेत्र के लगभग 15 स्थानों पर बिजली के तार टूट गिर गए। परिणाम स्वरूप शहर की बिजली आपूर्ति ध्वस्त हो गई। कुछ स्थानों पर छह तो कुछ स्थानों पर 10 घंटे आपूर्ति बाधित रही।
विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सबसे अधिक मेहनत तार पर गिरे पेड़ों को ठीक करने में लगा। एसडीओ टाउन रितेश कुमार कौशल ने बताया कि सुबह तीन बजे से ही गिदही से बिजली अन्य फीडरों को मिलनी बंद हो गई थी। जब गिदही पावर हाउस को साढ़े नौ बजे बिजली मिली तो अन्य फीडरों को सप्लाई दी गई। बताया कि विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए जगह जगह टूट चुके तारों को ठीक करने और पेड़ की डालियों को काटने में काफी समय बीत गया। अन्य स्थानों पर तो साढ़े नौ बजे बिजली की आपूर्ति को बहाल कर दी गई, मगर बड़ेबन में एक बजे बहाल हुई। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की कहीं से सूचना नहीं मिली।
उधर रात में 70 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने से तमाम पेेड़ उखड़कर गिर गए। जिससे हाइवे समेत तमाम सड़कों पर आवागमन प्रभावित रहा। खेतों में कहीं कहीं पानी भर गया। हालांकि सुबह तक सारा पानी जमीन सोख गई लेकिन जलती तपती धरती शीतल हो गई।
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शनिवार सुबह मौसम खुशनुमा हुआ, मगर आपूर्ति बाधित होने का भी उन्हें सामना करना पड़ा। सुबह आंधी और बारिश के चलते कई स्थानों पर विद्युत के तार गिर गए। कई स्थानों पर तो पुराने पेड़ ही तार पर गिर गए। कुछ स्थानों पर पेड़ों की डालियां ही तार पर गिर गई, जिसके चलते विद्युत आपूर्ति बाधित रही। सर्वाधिक क्ष्ाति कटरा स्थित आबकारी विभाग के गोदाम के बगल में लक्ष्मीना पत्नी सीताराम का नुकसान हुआ। इनके मकान पर पुराना जामुन का पेड़ गिर गया, जिसके चलते मकान की छत और टिनशेड गिर गया। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। इसी तरह एपीएन डिग्री कालेज के सामने एक रेस्टोरेंट की दीवार गिर गई।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय फैजाबाद के सेवानिवृत्त मौसम विभागाध्यक्ष डॉ पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार दक्षिण में चेन्नई के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। जो अब साइक्लोन (रोनू) के रूप में परिवर्तित होते हुए बांग्लादेश की ओर बढ़ा है। इसके प्रभाव से मौसम में यह बदलाव आया। अब अधिकतम तापमान में कमी आ सकती है।
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विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सबसे अधिक मेहनत तार पर गिरे पेड़ों को ठीक करने में लगा। एसडीओ टाउन रितेश कुमार कौशल ने बताया कि सुबह तीन बजे से ही गिदही से बिजली अन्य फीडरों को मिलनी बंद हो गई थी। जब गिदही पावर हाउस को साढ़े नौ बजे बिजली मिली तो अन्य फीडरों को सप्लाई दी गई। बताया कि विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए जगह जगह टूट चुके तारों को ठीक करने और पेड़ की डालियों को काटने में काफी समय बीत गया। अन्य स्थानों पर तो साढ़े नौ बजे बिजली की आपूर्ति को बहाल कर दी गई, मगर बड़ेबन में एक बजे बहाल हुई। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित होने की कहीं से सूचना नहीं मिली।
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उधर रात में 70 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने से तमाम पेेड़ उखड़कर गिर गए। जिससे हाइवे समेत तमाम सड़कों पर आवागमन प्रभावित रहा। खेतों में कहीं कहीं पानी भर गया। हालांकि सुबह तक सारा पानी जमीन सोख गई लेकिन जलती तपती धरती शीतल हो गई।
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शनिवार सुबह मौसम खुशनुमा हुआ, मगर आपूर्ति बाधित होने का भी उन्हें सामना करना पड़ा। सुबह आंधी और बारिश के चलते कई स्थानों पर विद्युत के तार गिर गए। कई स्थानों पर तो पुराने पेड़ ही तार पर गिर गए। कुछ स्थानों पर पेड़ों की डालियां ही तार पर गिर गई, जिसके चलते विद्युत आपूर्ति बाधित रही। सर्वाधिक क्ष्ाति कटरा स्थित आबकारी विभाग के गोदाम के बगल में लक्ष्मीना पत्नी सीताराम का नुकसान हुआ। इनके मकान पर पुराना जामुन का पेड़ गिर गया, जिसके चलते मकान की छत और टिनशेड गिर गया। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। इसी तरह एपीएन डिग्री कालेज के सामने एक रेस्टोरेंट की दीवार गिर गई।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय फैजाबाद के सेवानिवृत्त मौसम विभागाध्यक्ष डॉ पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार दक्षिण में चेन्नई के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। जो अब साइक्लोन (रोनू) के रूप में परिवर्तित होते हुए बांग्लादेश की ओर बढ़ा है। इसके प्रभाव से मौसम में यह बदलाव आया। अब अधिकतम तापमान में कमी आ सकती है।