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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   The process of idol installation in the district started in 1960... pandals have been decorated since then.

Basti News: 1960 में शुरू हुआ था जिले में प्रतिमा स्थापना का सिलसिला...तब से सज रहे पंडाल

Sun, 05 Oct 2025 01:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sun, 05 Oct 2025 01:48 AM IST
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The process of idol installation in the district started in 1960... pandals have been decorated since then.
मंगल बाजार में स्थापित कन्हैया लाल ढोढे राम पूजा समिति की पहली दुर्गा प्रतिमा
बस्ती। जिले में दुर्गा पूजा की शुरुआत सबसे पहले लगभग 65 साल पहले मंगल बाजार के सेठ कन्हैयालाल ने की थी। उनके द्वारा स्थापित प्रतिमा को बस्ती की पहली दुर्गा प्रतिमा माना जाता है और आज भी कई भक्त इसे नंबर एक की प्रतिमा कहते हैं। यह सिलसिला तब शुरू हुआ जब 1960 के दशक में मंडल में पहली बार किसी दुर्गा प्रतिमा की स्थापना की गई थी।
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आयोजक अतुल सोनी ने बताया कि शहर में दुर्गा पूजा की शुरूआत 1960 में हुई थी। उस समय के प्रतिष्ठित स्वर्ण व्यवसायी स्व. कन्हैया लाल ढोढे राम ने पहली बार मंगलबाजार दुर्गा प्रतिमा स्थापित की थी। पूर्णिमा के दिन यहां विसर्जन का चलन शुरू हुआ। पूर्वांचल में बस्ती और सुल्तानपुर में ही पूर्णिमा के दिन प्रतिमाएं विसर्जित होती हैं। बाकी जगहों पर दशहरा के दिन तक आयोजन होता है। शहर में अब दुर्गा पूजा का चलन बढ़ गया है।
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जिले में दुर्गा पूजा समारोह 15 दिन तक मनाया जाता है। पहले चरण में नवरात्र के प्रथम दिन से दशमी तक ग्रामीण अंचल में इस आयोजन की धूम रहती है। एकादशी से शहर में दुर्गा पूजा की रौनक भव्य हो जाती है। पूरी रात लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां की सड़कों पर देवी प्रतिमाओं का दर्शन करने उमड़ते हैं। यह सिलसिला पूर्णिमा तक बना रहता है। ऐसे में शहर से ग्रामीण अंचल तक बाजार में बहार रहती है।
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वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन का टेंशन इस अवधि में बढ़ा रहता है। पूर्वांचल में बस्ती ही एक मात्र जिला है, जहां दुर्गापूजा की धूम पूर्णमासी तक रहती है। बाकी जनपदों में दशहरा के दिन प्रतिमाओं का विसर्जन करके आयोजन समाप्त हो जाता है। यहां सिर्फ सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिमाओं का ही विसर्जन दशहरा के दिन होता है। इसी के बाद शहर में दुर्गा पूजा मेले की रौनक बढ़ जाती है। एकादशी से ही सड़क पर भीड़ बढ़ने लगती है। अंतिम तीन दिन सड़क पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु चलते हैं। समूचा शहर दर्शनार्थियों से भर जाता है। जिला अस्पताल चौराहे पर पिछले 56 साल से देवी प्रतिमा स्थापित हो रही है। आयोजक देशबंधु नंदा लाल ने बताया कि यहां कोई भी भक्त मां दुर्गा से सच्चे दिल से मन्नत करता है तो उसकी मुराद पूरी होती है।

मंगल बाजार में स्थापित कन्हैया लाल ढोढे राम पूजा समिति की पहली दुर्गा प्रतिमा

मंगल बाजार में स्थापित कन्हैया लाल ढोढे राम पूजा समिति की पहली दुर्गा प्रतिमा

मंगल बाजार में स्थापित कन्हैया लाल ढोढे राम पूजा समिति की पहली दुर्गा प्रतिमा

मंगल बाजार में स्थापित कन्हैया लाल ढोढे राम पूजा समिति की पहली दुर्गा प्रतिमा

मंगल बाजार में स्थापित कन्हैया लाल ढोढे राम पूजा समिति की पहली दुर्गा प्रतिमा

मंगल बाजार में स्थापित कन्हैया लाल ढोढे राम पूजा समिति की पहली दुर्गा प्रतिमा

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