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Basti News: पुलिस के रवैये से धूमिल हो रही न्याय की उम्मीद, न्यायालय से गुहार

Tue, 25 Jun 2024 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Tue, 25 Jun 2024 02:36 AM IST
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The hope of justice is getting blurred due to the attitude of the police
संदीप हत्याकांड : अग्रेतर विवेचना से कन्नी काट रही पुलिस, सीजेएम का आदेश बेअसर
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न्यायालय ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को अस्वीकृत कर अग्रेतर विवेचना का दिया है आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बहुचर्चित संदीप हत्याकांड में सीजेएम न्यायालय ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को विधि विरुद्ध मानते हुए खारिज करते हुए अग्रेतर विवेचना का आदेश दिया था। तीन मई के आदेश में 15 दिन के भीतर कार्रवाई का अनुपालन आख्या मांगी गई थी। दो महीने बीतने को है। मगर, पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। संदीप के परिवार वालों का कहना है कि न्यायालय के अग्रेतर विवेचना के बाद न्याय की उम्मीद जगी थी। पुलिस के रवैये से एक बार फिर मनोबल कमजोर हो रहा है।
केस की पैरवी कर रहे संदीप के चाचा बाबूराम ने बताया कि कप्तानगंज थाने के विवेचक दीपक दुबे एक महीने तक लोकसभा चुनाव की व्यस्तता बताकर टाल-मटोल करते रहे। इधर, फिर संपर्क करने पर सकारात्मक रवैया नहीं दिखा। मंगलवार को वह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होकर संज्ञान में लाने की बात बताया।
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तीन मई को पुलिस की खिंचाई करते हुए न्यायालय ने कहा था कि केस की तफ्तीश विधि सम्मत तरीके से नहीं की। इसलिए अग्रेतर विवेचना की जाए। एसओ कप्तानगंज दीपक कुमार दुबे ने बताया था कि आदेश प्राप्त हो चुका है। लोकसभा चुनाव की व्यस्तता खत्म होते ही तफ्तीश को आगे बढ़ाया जाएगा। कप्तानगंज क्षेत्र के कच्चीपुर के संदीप विश्वकर्मा की संदिग्ध मौत में पेच फंसा हुआ है। पुलिस उसके डूबने से हुई मौत बता रही है। जबकि घर वाले हत्या बता रहे हैं। 13 जून को कप्तानगंज क्षेत्र के कच्चीपुर (भूपालपुर) गांव के संदीप कुमार विश्वकर्मा (22) का रवई नदी में शव मिला था।
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दिसंबर में भेजा था अंतिम रिपोर्ट
इस मामले मेंं विवेचक ने दिसंबर में ही न्यायालय में यह लिखते हुए फाइनल रिपोर्ट भेज दी थी कि संदीप की डूबने से मौत हुई थी। केस की पैरवी कर रहे संदीप के चाचा बाबूराम विश्वकर्मा ने प्रोटेस्ट दाखिल किया था, जिसमें कहा गया कि संदीप के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डाॅक्टर को उसके पेट में पानी नहीं मिला। इससे स्पष्ट है कि यदि संदीप की मृत्यु डूबने से होती तो पेट में पानी अवश्य मिलता। पेट में पानी न मिलना स्पष्ट करता है कि मृतक को डुबो कर मारा गया है।


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इस तरह केस में फंसा पेच



चाचा बाबूराम का कहना है कि संदीप गन्ने की सिंचाई कर रहा था। 11 बजे घर से खाना खाकर खेत जाने के लिए निकला था। काफी देर तक घर न लौटने पर चाचा ने फोन किया तो संदीप ने बताया कि करचोलिया के पास सांड़ भगाने आया है। दोपहर दो बजे सूचना मिली कि संदीप का शव बघौड़ा गांव के पास रवई नदी में (ढोढ़रहवा घाट) पर पड़ा है। चरवाहों ने शव निकालकर फोटो वायरल किया। परिवार के लोग और पुलिस पहुंची तो उसकी बाइक मौके से कुछ दूरी पर खड़ी मिली और बाइक की चाबी और मोबाइल फोन गायब था। पुलिस ने बाबूराम की तहरीर पर संदीप के साथ गए तीन दोस्तों पर हत्या व शव छिपाने का केस दर्ज किया था। पोस्टमार्टम में उसकी आहार नली, पेट और लेंस आदि में पानी व बालू भरा मिला था। इस आधार पर पुलिस ने दावा किया कि नहाते समय डूबने से उसकी मौत हुई। मगर, वह डूबा या डुबाया गया, इसे लेकर पेच फंस गया है।
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