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Basti News: पुरानी पेंशन बहाली को शिक्षकों ने सांसद के दरवाजे पर बजाई घंटी
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बस्ती। आल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन पेंशन बहाली मंच की ओर से देश में पुरानी पेंशन बहाली हेतु ‘सांसदों के द्वार घंटी बजाओ’ अभियान के क्रम में रविवार को शिक्ष्कों ने सांसद आवास पर घंटी बजाई। भारी भीड़ के साथ अटेवा की ओर से शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने सांसद हरीश द्विवेदी के आवास तेलियाजोत पहुंचकर घंटी बजाकर अपनी पुरानी पेंशन की पुरजोर मांग की।
सदन में पुरानी पेंशन के मुद्दे को उठाने तथा उसे लागू करवाने से संबंधित ज्ञापन सांसद प्रतिनिधि जगदीश प्रसाद शुक्ल को दिया। सांसद प्रतिनिधि ने शिक्षकों को पूरी मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि आप सभी की समस्याओं पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए समाधान का प्रयास किया जाएगा।
अभियान की अगुवाई कर रहे अटेवा के जिला संयोजक तैय्यब अली ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों के बुढ़ापे से जुड़ा हुआ बेहद संवेदनशील मुद्दा है। लगभग एक करोड़ शिक्षकों, कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में है। सरकार को उनकी सुध लेनी चाहिए और पुरानी पेंशन अविलंब बहाल कर देनी चाहिए। मंडलीय महामंत्री दीपक सिंह प्रेमी ने कहा कि जब नेताओं को तीन-तीन, चार-चार पेंशन दी जा सकती है तो कर्मचारियों को क्यों नहीं? शेयर बाजार वाली नई पेंशन स्कीम शिक्षकों पर लादी जा रही है, जिसका कोई भविष्य ही नहीं है।
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जिला महामंत्री विजय नाथ तिवारी ने कहा कि यदि सरकार इस मुद्दे पर कोई कदम नहीं उठाती है तो शिक्षक कर्मचारी एक अक्तूबर को दिल्ली में आयोजित पेंशन शंखनाद रैली में पुरानी पेंशन बहाली हेतु हुंकार भरेंगे। शिक्षकों ने एनपीएस को झुनझुना बताते हुए कहा कि एनपीएस या इसमें संशोधन कर्मचारियों को स्वीकार नहीं है, हमें हूबहू पुरानी पेंशन चाहिए। पेंशन कर्मचारियों का संवैधानिक हक है। शिक्षक और कर्मचारियों का संगठन इस लड़ाई में अटेवा के साथ पूरी ताकत से खड़ा रहेगा।
इस मौके पर सुनील मौर्य, अमरनाथ, अनीस अहमद, राहुल उपाध्याय, श्रीनाथ आदि मौजूद रहे।
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सदन में पुरानी पेंशन के मुद्दे को उठाने तथा उसे लागू करवाने से संबंधित ज्ञापन सांसद प्रतिनिधि जगदीश प्रसाद शुक्ल को दिया। सांसद प्रतिनिधि ने शिक्षकों को पूरी मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि आप सभी की समस्याओं पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए समाधान का प्रयास किया जाएगा।
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अभियान की अगुवाई कर रहे अटेवा के जिला संयोजक तैय्यब अली ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों के बुढ़ापे से जुड़ा हुआ बेहद संवेदनशील मुद्दा है। लगभग एक करोड़ शिक्षकों, कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में है। सरकार को उनकी सुध लेनी चाहिए और पुरानी पेंशन अविलंब बहाल कर देनी चाहिए। मंडलीय महामंत्री दीपक सिंह प्रेमी ने कहा कि जब नेताओं को तीन-तीन, चार-चार पेंशन दी जा सकती है तो कर्मचारियों को क्यों नहीं? शेयर बाजार वाली नई पेंशन स्कीम शिक्षकों पर लादी जा रही है, जिसका कोई भविष्य ही नहीं है।
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जिला महामंत्री विजय नाथ तिवारी ने कहा कि यदि सरकार इस मुद्दे पर कोई कदम नहीं उठाती है तो शिक्षक कर्मचारी एक अक्तूबर को दिल्ली में आयोजित पेंशन शंखनाद रैली में पुरानी पेंशन बहाली हेतु हुंकार भरेंगे। शिक्षकों ने एनपीएस को झुनझुना बताते हुए कहा कि एनपीएस या इसमें संशोधन कर्मचारियों को स्वीकार नहीं है, हमें हूबहू पुरानी पेंशन चाहिए। पेंशन कर्मचारियों का संवैधानिक हक है। शिक्षक और कर्मचारियों का संगठन इस लड़ाई में अटेवा के साथ पूरी ताकत से खड़ा रहेगा।
इस मौके पर सुनील मौर्य, अमरनाथ, अनीस अहमद, राहुल उपाध्याय, श्रीनाथ आदि मौजूद रहे।