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Basti News: किसानों के लिए सिरदर्द बन गए छुट्टा मवेशी
Sat, 02 Mar 2024 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 02 Mar 2024 12:59 AM IST
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फसलों के नुकसान होने से किसान हो रहे परेशान
रात में सड़कों पर हादसे का बना रहता है डर
संवाद न्यूज एजेंसी
गौर। छुट्टा मवेशी किसानों के लिए सिर दर्द बन गए हैं। गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। रात में सड़क पर हादसे का कारण बन रहे हैं। मवेशियों को पकड़ने के लिए प्रशासन की ओर से समय-समय पर अभियान भी चलाया गया। मगर, इसका असर कहीं देखने को नहीं मिल रहा है। इलाके में छुट्टा मवेशियों से किसान व राहगीर परेशान हैं।
इनकी संख्या इतनी अधिक है की यह जिस खेत में घुस गए तो पूरी फसल चौपट हो जाती है। जिस मार्ग पर खड़े हो जाते हैं, वहां से राहगीरों का आवागमन बंद हो जाता है। दिनभर खेतों में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद शाम को सड़क पर आराम फरमाते हुए दिख जाएंगे।
गड़हा गांव के किसान कृष्ण कुमार सिंह, गुलाब सोनकर, कृष्ण मोहन सिंह ने बताया कि इस महंगाई में किसान दिन-रात मेहनत कर खाद-पानी डालकर फसलों को तैयार तैयार करते हैं। गेहूं की फसल में बालियां लग गई हैं। सरसों की फसल खेतों में तैयार हो गई है। यदि फसल को मवेशियों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया तो किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। क्षेत्र के शिवा, मंसूर नगर, गड़ह, कोठवा, माझा मानपुर, अइला कला, ढोढरी आदि स्थानों पर छुट्टा मवेशियों के आतंक से किसान व राहगीर परेशान हैं। गौर ब्लाक में कुल 9 गो आश्रय स्थल बनाए गए हैं, जहां छुट्टा जानवरों को रखने की व्यवस्था है।
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कोट
अभियान चलाकर छुट्टा मवेशियों को पकड़ने का काम किया जा रहा है। यदि गांवों के लोग थोड़ा सहयोग कर दें तो छुट्टा मवेशियों को व्यवस्थित किया जा सकता है।
- राजेश कुमार सिंह ,बीडीओ
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रात में सड़कों पर हादसे का बना रहता है डर
संवाद न्यूज एजेंसी
गौर। छुट्टा मवेशी किसानों के लिए सिर दर्द बन गए हैं। गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। रात में सड़क पर हादसे का कारण बन रहे हैं। मवेशियों को पकड़ने के लिए प्रशासन की ओर से समय-समय पर अभियान भी चलाया गया। मगर, इसका असर कहीं देखने को नहीं मिल रहा है। इलाके में छुट्टा मवेशियों से किसान व राहगीर परेशान हैं।
इनकी संख्या इतनी अधिक है की यह जिस खेत में घुस गए तो पूरी फसल चौपट हो जाती है। जिस मार्ग पर खड़े हो जाते हैं, वहां से राहगीरों का आवागमन बंद हो जाता है। दिनभर खेतों में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद शाम को सड़क पर आराम फरमाते हुए दिख जाएंगे।
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गड़हा गांव के किसान कृष्ण कुमार सिंह, गुलाब सोनकर, कृष्ण मोहन सिंह ने बताया कि इस महंगाई में किसान दिन-रात मेहनत कर खाद-पानी डालकर फसलों को तैयार तैयार करते हैं। गेहूं की फसल में बालियां लग गई हैं। सरसों की फसल खेतों में तैयार हो गई है। यदि फसल को मवेशियों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया तो किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। क्षेत्र के शिवा, मंसूर नगर, गड़ह, कोठवा, माझा मानपुर, अइला कला, ढोढरी आदि स्थानों पर छुट्टा मवेशियों के आतंक से किसान व राहगीर परेशान हैं। गौर ब्लाक में कुल 9 गो आश्रय स्थल बनाए गए हैं, जहां छुट्टा जानवरों को रखने की व्यवस्था है।
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कोट
अभियान चलाकर छुट्टा मवेशियों को पकड़ने का काम किया जा रहा है। यदि गांवों के लोग थोड़ा सहयोग कर दें तो छुट्टा मवेशियों को व्यवस्थित किया जा सकता है।
- राजेश कुमार सिंह ,बीडीओ