फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   stoped tests in Ditt. Hospitsls Pathalogy

जिला अस्पताल में अधिकतर पैथालोजिक जांच बंद

Wed, 22 Jun 2022 12:12 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jun 2022 12:12 AM IST
विज्ञापन
stoped tests in Ditt. Hospitsls Pathalogy
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में अधिकतर जांचें बंद
विज्ञापन

बस्ती। जिला अस्पताल में स्थापित क्षेत्रीय निदान केंद्र में संसाधनों के चलते हृदय रोग, किडनी, लीवर आदि की जांच बंद है। जबकि थायराइड मशीन करीब एक महीने से खराब है। सामान्य जांच शुगर व यूरिक एसिड की ही यहां जांच हो पा रही है। सेलेट्रा का किट नहीं होने से जांच संभव नहीं हो पा रही है।
पैथालॉजी के वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक घनश्याम गुप्ता ने कहा कि जरूरी सामान न होने के कारण मशीन ठीक होने के बावजूद जांच संभव नहीं हो पा रहा है। जिला चिकित्सालय में हर दिन तकरीबन एक हजार से बारह सौ मरीज आते हैं। इनमें से ढाई सौ से अधिक लोगों को चिकित्सक लीवर, किडनी व अन्य टेस्ट के लिए सुझाव देते हैं। क्षेत्रीय निदान केंद्र में यह सभी जांच निशुल्क होती है, मगर इसका दर बाहर निजी पैथालोजी पर 200 रुपये से पांच सौ रुपये तक है। वरिष्ठ प्रयोगशाला सहायक की मानें तो करीब एक पखवाड़े से लीवर, किडनी, हृदयरोग जैसी गंभीर बीमारियों का जांच इस केंद्र में संभव नहीं हो पा रहा है। इसका कारण यहां जांच के लिए आवश्यक दवाओं की कमी है। बताया कि थायराइड की मशीन तो लंबे समय से खराब है, मगर उसे ठीक नहीं कराया गया है। कहा कि तमाम सामान्य जांच के लिए भी दवाएं व रिजेंट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कभी भी क्षेत्रीय निदान केंद्र पर जांच ठप हो सकता है।
विज्ञापन

--------
बोले, तीमारदार
मुंडेरवा से पिता का इलाज कराने आए रामायण सोनी ने कहा कि उन्हें जांच के लिए चिकित्सक ने सुझाव दिया था, मगर यहां जांच बंद है। अब बाहर से ही किडनी फंक्शन टेस्ट कराना होगा। यहां निशुल्क होता है,जबकि बाहर करीब तीन सौ रुपये लगेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

नगर क्षेत्र के नरायनपुर गांव से बाबा को लेकर आए आदित्य ने कहा कि जिला चिकित्सालय में सुविधाएं तो बहुत हैं मगर यहां शुगर की जांच तो हो गई। अब लीवर की जांच के लिए बाहर ही जाना पड़ेगा। क्योंकि यहां जांच के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं हैं।

---
बोले, एसआईसी
एसआईसी डॉ. आलोक कुमार वर्मा ने कहा कि क्षेत्रीय निदान केंद्र में दवा नहीं हैं। इसके लिए डिमांड भेजी गई है। तब तक के लिए स्थानीय क्रय से इसे मंगाया जा रहा है। रही रीजेंट की बात तो इसकी भी मांग भेजी गई है। थायराइड की मशीन को बनवाने के लिए संबंधित कंपनी को लिखा गया है। जल्द ही वह भी संचालित होने लगेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed