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Basti News: 72 वर्ष बाद सोमवार से हो रही सावन की शुरुआत

Fri, 19 Jul 2024 01:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Fri, 19 Jul 2024 01:33 AM IST
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Sawan is starting from Monday after 72 years
शिव भक्तों में भारी उत्साह, 22 जुलाई से हो रही श्रावण मास की शुरुआत
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सावन की शुरुआत 22 जुलाई सोमवार से हो रही है। पहले दिन सर्वार्थ सिद्धि योग (नक्षत्रों के संयोग से बना शुभ योग) बना है, जो 72 वर्ष के बाद आया है। ज्योतिषियों ने बताया कि इस योग में भगवान शिव की आराधना का उत्तम फल प्राप्त होता है। शिव भक्तों में इस वजह से सोमवार को लेकर भारी उत्साह है।
भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु सावन माह में भगवान शिव की सेवा, पूजा-अर्चना व भक्ति में लीन रहते हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति सावन में सोमवार को व्रत करता है, उसके दांपत्य सुख में वृद्धि होती है। सावन में शिवजी को धतूर, बेलपत्र, अक्षत, चंदन, शहद आदि से अवश्य अर्चना करनी चाहिए।
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ज्योतिषाचार्य मोहित मिश्र ने बताया कि सवान महीने में की गई उपासना से शिवजी जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। इसी महीने में भक्त कांवड़ यात्रा कर पवित्र नदियों का जल शिवजी को चढ़ाते हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान परशुराम ने शिवलिंग पर जल अर्पित कर इसकी शुरुआत की थी। एक और मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान शिवजी के विषपान के बाद जलाभिषेक शुरू हुआ था।
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पंडित देवस्य मिश्र ने बताया कि श्रावण में भगवान शिव की विशेष उपासना की जाती है। पुराणों में इस महीने का जिक्र आया है और कहा गया है कि जो इस माह में आराधना करता है, उसे शिवजी प्रसन्न होकर मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।


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ऐसे करें पूजा-अर्चना

सावन में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व होता है। इसमें शिवालय में स्थापित प्राण प्रतिष्ठित शिवलिंग या धातु से निर्मित लिंग अथवा नर्मदेश्वर (मिट्टी से बनी) शिवलिंग का गंगाजल व दूध से रुद्राभिषेक करें। यह शिवजी को अत्यंत प्रिय है। इस दौरान द्वादश ज्योतिर्लिंगों पर गंगाजल कांवड़ में लेकर पैदल यात्रा कर अभिषेक करें। इससे अश्वमेघ यज्ञ के समान फल मिलता है।
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