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Basti News: सरयू का जलस्तर घटा, कटान ने बढ़ाई किसानों की चिंता

Thu, 24 Sep 2026 12:45 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:45 AM IST
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Saryu's water level recedes; erosion increases farmers' concerns.
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है लेकिन मांझा क्षेत्र के किसानों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। पानी घटने से कटान की रफ्तार में कुछ कमी आई है, इसके बावजूद कई स्थानों पर रुक-रुककर कटान जारी है। नदी किनारे खेती करने वाले किसानों की नजर अब भी सरयू के रुख पर टिकी हुई है।
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बुधवार को सरयू का जलस्तर 91.71 मीटर दर्ज किया गया। एक दिन पहले जलस्तर 91.78 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में जलस्तर सात सेंटीमीटर घटा है। नदी खतरे के निशान 92.73 मीटर से 1.02 मीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में गिरावट से मांझा क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है लेकिन किसानों को कटान पूरी तरह थमने का इंतजार है।
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दुबौलिया संवाद के अनुसार, सरयू का जलस्तर नीचे जाने से तटबंध विहीन गांवों के लोगों की दिनचर्या धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। संवेदनशील तटबंधों पर भी पानी का दबाव कम हुआ है। केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के अनुसार बुधवार शाम पांच बजे जलस्तर 91.71 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 1.02 मीटर नीचे है। हालांकि बाढ़ के पानी में डूबी फसलों को लेकर किसानों की चिंता बनी हुई है। पशुओं के चारे का संकट भी पूरी तरह दूर नहीं हुआ है। बाढ़ प्रभावित दुबौलिया, विक्रमजोत और कुदरहा क्षेत्र के ग्रामीण फॉगिंग और एंटी लार्वा के छिड़काव की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव वाले इलाकों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। मईपुर और महुआ गांव के आसपास भी कटान का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ स्थानों पर नदी मकानों के करीब पहुंच गई है।
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बीडी तटबंध के पास कटान से बढ़ी चिंता
विक्रमजोत। सरयू का जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। पानी तेजी से नदी में उतरने लगा है, जिससे जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। हालांकि बीडी तटबंध के पास कई गांवों में रुक-रुककर हो रहे कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। जलस्तर घटने से तटबंधों पर पानी का दबाव भी कम हुआ है। बाढ़ खंड विभाग की ओर से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की जा रही है। बीडी तटबंध के पास अर्जुनपुर, लकड़ी पांडेय, लकड़ी दूबे और पकड़ी संग्राम गांवों में कटान की स्थिति बनी हुई है। इससे ग्रामीणों को तटवर्ती जमीन कटने का डर सता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरे एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन गांवों में अब तक फॉगिंग और दवाओं का छिड़काव नहीं कराया गया है। जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों ने जल्द फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ कटान प्रभावित स्थानों पर आवश्यक बचाव कार्य कराने की मांग की है।

तटबंधों पर टीम की नियमित निगरानी जारी है। कटान वाले स्थानों पर भी नजर रखी जा रही है। स्थिति के अनुसार आवश्यक बचाव कार्य कराए जाएंगे।
दिनेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड, बस्ती।
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