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Basti News: लाल निशान से महज 18 सेंटीमीटर नीचे सरयू
Sun, 21 Jul 2024 02:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 21 Jul 2024 02:05 AM IST
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- माझा देवारागंगबरार स्थित दूसरी धारा में शनिवार को भी होती रही कटान
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर लगातार चौथे दिन भी बढ़ रहा है। जिससे नदी व तटबंध के बीच बसे दर्जन भर गांव में एक बार फिर बाढ का खतरा मंडराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शनिवार शाम पांच बजे जलस्तर 92-550 मीटर पर दर्ज हुआ। जो लाल निशान से महज 18 सेंटीमीटर नीचे है। शनिवार को भी विभिन्न बैराजो से 3.14 लाख क्युसेक पानी छोडा गया है।
माझा देवारागंगबरार स्थित दूसरी धारा मेंं शनिवार को भी कटान होती रही है। अति-संवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर गांव से लेकर खलवा गांव तक दबाव बना हुआ है। इसी तटबंध के विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती के सामने निर्माणाधीन एक ठोकर का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के सामने करीब पांच सौ मीटर दायरे में दबाव बना हुआ है। इसी तटबंध पर भविष्य में तटबंध पर कटान होने की आशंका को लेकर बोल्डर, परकोपाइन, बंबू कैरट, आदि स्टाक करने में बाढ़ खंड जुटा हुआ है। अगर नदी का जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो रविवार की रात तक सुविका बाबू वा आंशिक टेढवा, आदि गांव जाने वाली पगडंडी पर पानी भर जायेगा। इन दोनों गांव की तरफ पानी तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ आने से इन दोनों गांव के लोगों की दिन चर्या एक बार फिर दुश्वारियों से भर जाऐगी। अधिशाषी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया की जलस्तर बढ रहा तटबंध पर लगातार निगरानी की जा रही है तटबंध पर हालत सामान्य है ।
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विक्रमजोत क्षेत्र में खलबली
विक्रमजोत। सरयू नदी के फिर से बढ़े रौद्र रूप को देख विक्रमजोत विकास क्षेत्र के तटबन्ध विहीन गांवों कल्यानपुर, भरथापुर, चांदपुर , संदलपुर , छतौना माझा क्षेत्र, संग्रामपुर, पूरेचेतन, लकड़ी पकड़ी, खेमराजपुर, कन्हईपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। बीते सप्ताह बढ़े जलस्तर से इन गांवों के खेतों व निचलें क्षेत्रों में जलभराव की स्थित बन गयी थी । ग्रामीणों की आशंका है कि यदि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा तो जल्द वे गांव बाढ़ की चपेट में आ जायेंगे।वहीं बढ़ रहे जलस्तर से नदी तटबंध से सटकर बह रही है।
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दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर लगातार चौथे दिन भी बढ़ रहा है। जिससे नदी व तटबंध के बीच बसे दर्जन भर गांव में एक बार फिर बाढ का खतरा मंडराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शनिवार शाम पांच बजे जलस्तर 92-550 मीटर पर दर्ज हुआ। जो लाल निशान से महज 18 सेंटीमीटर नीचे है। शनिवार को भी विभिन्न बैराजो से 3.14 लाख क्युसेक पानी छोडा गया है।
माझा देवारागंगबरार स्थित दूसरी धारा मेंं शनिवार को भी कटान होती रही है। अति-संवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर गांव से लेकर खलवा गांव तक दबाव बना हुआ है। इसी तटबंध के विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती के सामने निर्माणाधीन एक ठोकर का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के सामने करीब पांच सौ मीटर दायरे में दबाव बना हुआ है। इसी तटबंध पर भविष्य में तटबंध पर कटान होने की आशंका को लेकर बोल्डर, परकोपाइन, बंबू कैरट, आदि स्टाक करने में बाढ़ खंड जुटा हुआ है। अगर नदी का जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो रविवार की रात तक सुविका बाबू वा आंशिक टेढवा, आदि गांव जाने वाली पगडंडी पर पानी भर जायेगा। इन दोनों गांव की तरफ पानी तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ आने से इन दोनों गांव के लोगों की दिन चर्या एक बार फिर दुश्वारियों से भर जाऐगी। अधिशाषी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया की जलस्तर बढ रहा तटबंध पर लगातार निगरानी की जा रही है तटबंध पर हालत सामान्य है ।
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विक्रमजोत क्षेत्र में खलबली
विक्रमजोत। सरयू नदी के फिर से बढ़े रौद्र रूप को देख विक्रमजोत विकास क्षेत्र के तटबन्ध विहीन गांवों कल्यानपुर, भरथापुर, चांदपुर , संदलपुर , छतौना माझा क्षेत्र, संग्रामपुर, पूरेचेतन, लकड़ी पकड़ी, खेमराजपुर, कन्हईपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। बीते सप्ताह बढ़े जलस्तर से इन गांवों के खेतों व निचलें क्षेत्रों में जलभराव की स्थित बन गयी थी । ग्रामीणों की आशंका है कि यदि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा तो जल्द वे गांव बाढ़ की चपेट में आ जायेंगे।वहीं बढ़ रहे जलस्तर से नदी तटबंध से सटकर बह रही है।
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