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Basti News: सरयू खतरे के निशान से 71 सेमी नीचे, विक्रमजोत में कटान

Mon, 12 Oct 2026 02:05 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 02:05 AM IST
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Saryu 71 cm below danger mark; erosion at Vikramjot.
पकड़ी संग्राम गांव के पास जलस्तर कम होने के बाद कटान करती नदी संवाद - फोटो : संवाद
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर अब खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर नीचे चला गया है। जलस्तर कम होने के बाद कहीं-कहीं कटान भी हो रही है। विक्रमजोत में नदी के कटान से ग्रामीण परेशान दिखे।
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दुबौलिया संवाद के अनुसार, तटबंध विहीन गांवों में जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। संवेदनशील तटबंध पर दबाव भी काफी कम हो गया है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शाम चार बजे जलस्तर 92.02 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान 92.73 से 71 सेंटीमीटर नीचे है। सुविका बाबू गांव में भी लोगों की दिनचर्या पटरी पर लौट रही है।
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कटान की आशंका से ग्रामीण चिंतित
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 11 सेंटीमीटर घटा है। इससे बाढ़ प्रभावित गांवों में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है लेकिन कटान प्रभावित गांवों में नदी के तेज कटाव की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। बीडी तटबंध के भीतर बसे शंभूपुर, पकड़ी संग्राम, लकड़ी पांडेय, लकड़ी दूबे और अर्जुनपुर समेत कई गांवों के ग्रामीण कटान को लेकर सहमे हुए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बाढ़ के दौरान ही नदी ने कई स्थानों पर कटान शुरू कर दिया था। अब जलस्तर में गिरावट के साथ कटान बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता कम नहीं हो रही है। उधर, बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी ग्रामीणों की मुश्किलें बरकरार हैं। मवेशियों के लिए चारे की कमी के चलते पशुपालकों को दूर-दराज के इलाकों से चारा जुटाना पड़ रहा है। संक्रामक बीमारियों और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। ग्रामीणों को अब कटान से बचाव के साथ-साथ साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान का इंतजार है।
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कुआनो नदी के बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ी
कुदरहा। सदर तहसील क्षेत्र में बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। कुआनो का जलस्तर बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सरयू नदी की धारा में पहले ही कई ग्रामीणों के मकान और खेतों में खड़ी फसलें समा चुकी हैं, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक, कुआनो नदी का जलस्तर बढ़ने से अगया उर्फ भितिहा, छिबरा, सेल्हरा समेत कई गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल नदी की धारा में समा गई, जबकि कुछ खेतों में पानी भर जाने से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों को अपनी मेहनत और लागत डूबने का डर सता रहा है। सरयू का पानी घटने से जहां कुछ राहत मिली है, वहीं कुआनो नदी के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता फिर बढ़ा दी है। वहीं, सरयू नदी के जलस्तर में कमी होने से कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण ओर बसे गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ था और कई स्थानों पर नदी रिहायशी मकानों के करीब पहुंच गई थी। अब जलस्तर में गिरावट आने से ग्रामीणों की परेशानियां धीरे-धीरे कम होती दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही नदी कुछ घरों से दूर हो गई है, जिससे कटान का खतरा भी कुछ कम हुआ है।

कोट

बाढ़ खंड की टीम लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई है। संवेदनशील जगहों पर निगरानी की जा रही है। जलस्तर कम हो रहा है। - दिनेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड, बस्ती।
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