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Basti News: उपकेंद्रों पर लगेगा आरएमयू... मिलेगी बिना फाल्ट के बिजली
Fri, 17 May 2024 03:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 17 May 2024 03:16 AM IST
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- बिजनेस प्लान के तहत भेजा गया प्रस्ताव, शहर में लगाए जाएंगे 10 आरएमयू
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को कम से कम बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। 33/11 उपकेंद्रों को रिंग मेन यूनिट (आरएमयू) तकनीक से लैस करने की तैयारी चल रही है। सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो अक्तूबर-नवंबर तक इसे उपकेंद्रों पर लगा दिया जाएगा।
शहर में बिजली आपूर्ति का इंफ्रास्ट्रक्चर कई दशक पुराना है। इसमें सुधार के लिए तेजी से काम चल रहा है। बिजली के जर्जर तार व खंभों को बदलने का काम चल रहा रहा है। शहर को सिविल लाइंस व पटेल चौक नाम से दो नए फीडर मिल चुके हैं। दो दर्जन से अधिक ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है। इतने ही अतिरिक्त ट्रांसफाॅर्मर भी लगाए जा चुके हैं।
हालांकि, कार्य करीब तीन माह पीछे चल रहा है। बिजनेस प्लान 2024-25 के तहत अब उपकेंद्रों पर आरएमयू सिस्टम लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इससे शहर की आपूर्ति व्यवस्था नो पावर कट जोन शामिल हो जाएगी। अधिशासी अभियंता नगरीय मनोज कुमार सिंह ने बताया कि शहर में छह उपकेंद्रों के सहारे बिजली आपूर्ति दी जा रही है। इस उपकेंद्रों पर 10 आरएमयू लगाने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। प्रत्येक आरएमयू पर करीब आठ लाख रुपये का खर्च आएगा।
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...
ऐसे करेगा काम
आरएमयू गैस इंसुलेटेड, कांपैक्ट स्विचगियर यूनिट है। यह पूरी तरह स्वचालित होता है। यदि मूल फीडर से अचानक आपूर्ति ठप हुई तो आरएमयू से जुड़े दूसरे फीडर से आपूर्ति तत्काल शुरु हो जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि उपभोक्ताओं को बिना देर व इंतजार के निर्बाध बिजली मिलती रहेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को कम से कम बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। 33/11 उपकेंद्रों को रिंग मेन यूनिट (आरएमयू) तकनीक से लैस करने की तैयारी चल रही है। सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो अक्तूबर-नवंबर तक इसे उपकेंद्रों पर लगा दिया जाएगा।
शहर में बिजली आपूर्ति का इंफ्रास्ट्रक्चर कई दशक पुराना है। इसमें सुधार के लिए तेजी से काम चल रहा है। बिजली के जर्जर तार व खंभों को बदलने का काम चल रहा रहा है। शहर को सिविल लाइंस व पटेल चौक नाम से दो नए फीडर मिल चुके हैं। दो दर्जन से अधिक ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है। इतने ही अतिरिक्त ट्रांसफाॅर्मर भी लगाए जा चुके हैं।
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हालांकि, कार्य करीब तीन माह पीछे चल रहा है। बिजनेस प्लान 2024-25 के तहत अब उपकेंद्रों पर आरएमयू सिस्टम लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इससे शहर की आपूर्ति व्यवस्था नो पावर कट जोन शामिल हो जाएगी। अधिशासी अभियंता नगरीय मनोज कुमार सिंह ने बताया कि शहर में छह उपकेंद्रों के सहारे बिजली आपूर्ति दी जा रही है। इस उपकेंद्रों पर 10 आरएमयू लगाने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। प्रत्येक आरएमयू पर करीब आठ लाख रुपये का खर्च आएगा।
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ऐसे करेगा काम
आरएमयू गैस इंसुलेटेड, कांपैक्ट स्विचगियर यूनिट है। यह पूरी तरह स्वचालित होता है। यदि मूल फीडर से अचानक आपूर्ति ठप हुई तो आरएमयू से जुड़े दूसरे फीडर से आपूर्ति तत्काल शुरु हो जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि उपभोक्ताओं को बिना देर व इंतजार के निर्बाध बिजली मिलती रहेगी।