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Basti News: सरयू की धारा में कटकर बह गया बाघानाला-भरथापुर रास्ते का आधा हिस्सा
Tue, 01 Aug 2023 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 01 Aug 2023 11:27 PM IST
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विक्रमजोत क्षेत्र में घटने लगा सरयू नदी का जलस्तर।
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार मंगलवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से 41 सेंटीमीटर से नीचे 92.32 मीटर पर रिकार्ड हुआ। मगर कुछ जगहों पर कटान जारी है। विक्रमजोत ब्लॉक के बाघानाला-भरथापुर रास्ते का आधा हिस्सा कुछ दूर तक कटकर नदी की धारा में बह गया। यहां ग्रामीण दहशत में हैं। इसके अलावा माझा देवारागंगबरार में भी कटान जारी है।
सरयू ने अभी विकराल रूप अख्तियार नहीं किया है, लेकिन कुछ तटवर्ती संवेदनशील गांवों में तबाही के संकेत मिलने लगे हैं। नदी का जलस्तर यदि लाल निशान को पार कर दिया तो बाढ़ की विभीषिका से इनकार नहीं किया जा सकता है। विक्रमजोत ब्लॉक के बाघानाला से भरथापुर तक जाने वाले रास्ते का आधा हिस्सा कुछ दूर तक कट कर नदी में विलीन हो गया है। ग्रामीण यहां पैदल एवं दो पहिया वाहन से बहुत संभलकर आ-जा रहे हैं। लोगों को अभी और कटान होने की चिंता सता रही है।
इसके अलावा कल्यानपुर, पड़ाव, संदलपुर समेत आधा दर्जन तटबंध विहीन गांव भी कटान के मुहाने पर है। नदी इन गांवों से सटकर बह रही है। यहां के नागरिक पूरी रात कटान की निगरानी कर रहे हैं। सरयू की स्थिरता ही उनकी तसल्ली का कारण बनी हुई है। वहीं दुबौलिया क्षेत्र के माझा देवारागंगबरार में दूसरी सोती में नदी का पानी प्रवाहित हो रहा है। यहां मध्यम गति से कटान भी हो रही है।
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कटरिया गांव के सामने ठोकर नंबर-एक पर नदी का दबाव बरकरार है। बाढ़ खंड यहां सीसीटीवी से चौबीस घंटे नदी की निगरानी कर रहा है। तटबंध और नदी के बीच बसे यहां के आधा दर्जन गांवों के नागरिकों की टकटकी सरयू नदी के जलस्तर पर है। लोगों को डर है कि कहीं पिछले साल की तरह इस बार भी नदी रौद्र रूप न धारण कर ले। अभी बाढ़ का समय बचा हुआ है। इस अंचल में अक्सर अगस्त में बाढ़ की तबाही आती है। इस नाते प्रभावित क्षेत्रों में इस बार बाढ़ से मुक्ति की तसल्ली दिलाने के बाद भी नहीं हो रही है।
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नदी का जलस्तर स्थिर है। अभी फिलहाल बाढ़ के खतरे जैसी कोई बात नहीं है। तटबंधों पर चौबीस घंटे निगरानी की जा रही है। संवेदनशील गांवों पर भी नजर बनी हुई है।
-हरिश्चंद्र, एसडीओ, बाढ़ खंड
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सरयू ने अभी विकराल रूप अख्तियार नहीं किया है, लेकिन कुछ तटवर्ती संवेदनशील गांवों में तबाही के संकेत मिलने लगे हैं। नदी का जलस्तर यदि लाल निशान को पार कर दिया तो बाढ़ की विभीषिका से इनकार नहीं किया जा सकता है। विक्रमजोत ब्लॉक के बाघानाला से भरथापुर तक जाने वाले रास्ते का आधा हिस्सा कुछ दूर तक कट कर नदी में विलीन हो गया है। ग्रामीण यहां पैदल एवं दो पहिया वाहन से बहुत संभलकर आ-जा रहे हैं। लोगों को अभी और कटान होने की चिंता सता रही है।
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इसके अलावा कल्यानपुर, पड़ाव, संदलपुर समेत आधा दर्जन तटबंध विहीन गांव भी कटान के मुहाने पर है। नदी इन गांवों से सटकर बह रही है। यहां के नागरिक पूरी रात कटान की निगरानी कर रहे हैं। सरयू की स्थिरता ही उनकी तसल्ली का कारण बनी हुई है। वहीं दुबौलिया क्षेत्र के माझा देवारागंगबरार में दूसरी सोती में नदी का पानी प्रवाहित हो रहा है। यहां मध्यम गति से कटान भी हो रही है।
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कटरिया गांव के सामने ठोकर नंबर-एक पर नदी का दबाव बरकरार है। बाढ़ खंड यहां सीसीटीवी से चौबीस घंटे नदी की निगरानी कर रहा है। तटबंध और नदी के बीच बसे यहां के आधा दर्जन गांवों के नागरिकों की टकटकी सरयू नदी के जलस्तर पर है। लोगों को डर है कि कहीं पिछले साल की तरह इस बार भी नदी रौद्र रूप न धारण कर ले। अभी बाढ़ का समय बचा हुआ है। इस अंचल में अक्सर अगस्त में बाढ़ की तबाही आती है। इस नाते प्रभावित क्षेत्रों में इस बार बाढ़ से मुक्ति की तसल्ली दिलाने के बाद भी नहीं हो रही है।
नदी का जलस्तर स्थिर है। अभी फिलहाल बाढ़ के खतरे जैसी कोई बात नहीं है। तटबंधों पर चौबीस घंटे निगरानी की जा रही है। संवेदनशील गांवों पर भी नजर बनी हुई है।
-हरिश्चंद्र, एसडीओ, बाढ़ खंड