{"_id":"6925fbdf0bfd0a0b8c068ec9","slug":"ring-road-started-being-built-construction-of-overbridge-gained-momentum-basti-news-c-207-1-bst1005-148364-2025-11-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: बनने लगा रिंग रोड...ओवरब्रिज के निर्माण में आई तेजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: बनने लगा रिंग रोड...ओवरब्रिज के निर्माण में आई तेजी
Wed, 26 Nov 2025 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 26 Nov 2025 12:26 AM IST
विज्ञापन
बस्ती-अयोध्या हाईवे पर अयोध्या रिंग रोड पर विक्रमजोत के रमहटिया गांव में बन रहा ओवरब्रिज संवाद
- फोटो : जितेंद्र भारती।
बस्ती। अयोध्या तीर्थ क्षेत्र के चारों तरफ प्रस्तावित रिंग रोड बस्ती जिला के सीमा में तेजी से अपना आकार ले रहा है। जिले के 13 गांवों से होकर यह रोड गुजरेगा। निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई अयोध्या को मिली है।
रिंग रोड के लिए बस्ती, अयोध्या और गोंडा में शेष जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। उत्तर दिशा बस्ती सीमा में रिंग रोड निर्माणाधीन है और कार्य छह प्रतिशत कार्य हुआ है। साल 2028 तक यह रोड बनकर तैयार होगा।
अयोध्या रिंग रोड पर जिले को एनएच-28 के बस्ती-अयोध्या हाईवे पर सरयू नदी पर एक नया पुल बनाया जा रहा है। इससे बस्ती से अयोध्या की दूरी भी लगभग आठ किमी. तक कम हो जाएगी। इस सड़क के बनने से गोरखपुर लखनऊ मार्ग का भूगोल भी बदल जाएगा। बताया जाता है कि सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इस हाईवे रिंग रोड का शिलान्यास 6 जनवरी को करेंगे। 6 हजार करोड़ की लागत से बनने वाली रिंग रोड अयोध्या बस्ती व गोंडा जिले से होकर गुजरेगी।
विज्ञापन
इसकी लंबाई करीब 70 किमी. है। अयोध्या के चारों तरफ बन रहे रिंग रोड का लगभग बीस किमी. का क्षेत्र बस्ती जिले में बनेगा। बस्ती में इस सड़क के लिए कुल 618 किसानों से 41 हेक्टेयर जमीन 30 करोड़ की लागत से क्रय की जानी है। प्रशासन की पहल पर 484 किसानों से 25 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन का रजिस्ट्री कराया जा चुका है।
बस्ती के हिस्से में अब होगा दो रिंग रोड : अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में बनने वाले 70 किमी. रिंग रोड समेत बस्ती के हिस्से में दो रिंग रोड होगा। बस्ती शहर के चारों तरफ 42 किमी लंबाई में रिंग रोड का कार्य चल रहा है। जबकि जिले के पश्चिमांचल हिस्से में अयोध्या रिंग रोड के लिए भी भूमि अधिग्रहण के बाद निर्माण कार्य शुरू होने से उम्मीद जग गई है। बताया गया कि दो रिंग रोड होने से जिले का फिजा भी बदल जाएगा। जाम का संकट कम होगा और अयोध्या पहुंचने का एक विकल्प रास्ता भी मिल जाएगा। इससे बार-बार डायवर्जन का झमेला भी खत्म होगा। श्रद्धालु आसानी से अयोध्या पहुंच सकेंगे।
डायवर्जन के चलते होती है समस्या : अयोध्या में कोई धार्मिक पर्व और वीवीआईपी कार्यक्रम होने पर बस्ती-अयोध्या हाईवे पर संचालन रोक दिया जाता है। डायवर्जन के सांसत होती है। रिंग रोड बन जाने से डायवर्जन संकट कम होगा। अभी विकल्प मार्ग न होने के चलते बस्ती से ही अयोध्या जाने वाले वाहनों को रोक दिया जाता है। इससे रोडवेज के साथ ही अन्य वाहन के चालक परेशान होते हैं। पुलिस प्रशासन को भी मशक्कत करनी पड़ती है।
विज्ञापन
रिंग रोड के लिए बस्ती, अयोध्या और गोंडा में शेष जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। उत्तर दिशा बस्ती सीमा में रिंग रोड निर्माणाधीन है और कार्य छह प्रतिशत कार्य हुआ है। साल 2028 तक यह रोड बनकर तैयार होगा।
विज्ञापन
अयोध्या रिंग रोड पर जिले को एनएच-28 के बस्ती-अयोध्या हाईवे पर सरयू नदी पर एक नया पुल बनाया जा रहा है। इससे बस्ती से अयोध्या की दूरी भी लगभग आठ किमी. तक कम हो जाएगी। इस सड़क के बनने से गोरखपुर लखनऊ मार्ग का भूगोल भी बदल जाएगा। बताया जाता है कि सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इस हाईवे रिंग रोड का शिलान्यास 6 जनवरी को करेंगे। 6 हजार करोड़ की लागत से बनने वाली रिंग रोड अयोध्या बस्ती व गोंडा जिले से होकर गुजरेगी।
विज्ञापन
इसकी लंबाई करीब 70 किमी. है। अयोध्या के चारों तरफ बन रहे रिंग रोड का लगभग बीस किमी. का क्षेत्र बस्ती जिले में बनेगा। बस्ती में इस सड़क के लिए कुल 618 किसानों से 41 हेक्टेयर जमीन 30 करोड़ की लागत से क्रय की जानी है। प्रशासन की पहल पर 484 किसानों से 25 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन का रजिस्ट्री कराया जा चुका है।
बस्ती के हिस्से में अब होगा दो रिंग रोड : अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में बनने वाले 70 किमी. रिंग रोड समेत बस्ती के हिस्से में दो रिंग रोड होगा। बस्ती शहर के चारों तरफ 42 किमी लंबाई में रिंग रोड का कार्य चल रहा है। जबकि जिले के पश्चिमांचल हिस्से में अयोध्या रिंग रोड के लिए भी भूमि अधिग्रहण के बाद निर्माण कार्य शुरू होने से उम्मीद जग गई है। बताया गया कि दो रिंग रोड होने से जिले का फिजा भी बदल जाएगा। जाम का संकट कम होगा और अयोध्या पहुंचने का एक विकल्प रास्ता भी मिल जाएगा। इससे बार-बार डायवर्जन का झमेला भी खत्म होगा। श्रद्धालु आसानी से अयोध्या पहुंच सकेंगे।
डायवर्जन के चलते होती है समस्या : अयोध्या में कोई धार्मिक पर्व और वीवीआईपी कार्यक्रम होने पर बस्ती-अयोध्या हाईवे पर संचालन रोक दिया जाता है। डायवर्जन के सांसत होती है। रिंग रोड बन जाने से डायवर्जन संकट कम होगा। अभी विकल्प मार्ग न होने के चलते बस्ती से ही अयोध्या जाने वाले वाहनों को रोक दिया जाता है। इससे रोडवेज के साथ ही अन्य वाहन के चालक परेशान होते हैं। पुलिस प्रशासन को भी मशक्कत करनी पड़ती है।