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रक्षा बंधन : दोपहर 1:25 बजे तक भद्रा, फिर सर्वार्थ सिद्धि योग

Thu, 08 Aug 2024 03:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Thu, 08 Aug 2024 03:38 AM IST
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Raksha Bandhan: Bhadra till 1:25 pm, then Sarvartha Siddhi Yoga
- 19 अगसत को मनाया जाएगा रक्षा बंधन
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- सर्वार्थ सिद्धि योग में राखी बांधना माना गया है अत्यंत फलदायी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। रक्षाबंधन पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर 19 अगस्त सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन पांच योग सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत योग, शोभन योग, रवि योग और विजय योग का संयोग बन रहा है। इन्हें मिलाकर सर्वार्थ अमृत सिद्धि योग बन रहा है, जो ज्यादा शुभकारी होगा। हालांकि दोपहर 1.25 मिनट तक भद्रा का साया रहेगा। इसलिए बहनों को इंतजार करना पड़ेगा।
इस दिन दोपहर में 1 बजकर 25 मिनट से लेकर रात में 12 बजकर 28 मिनट तक राखी बांधना अत्यंत ही शुभ माना जा रहा है। इसके पहले भद्रा होने से राखी बांधना अशुभ होगा। पंडित देवस्य मिश्र ने बताया कि रक्षा बांधने के लिए रेशम, सूती वस्त्र और धागे का भी प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन वह रंगीन पीले या केसरिया रंग का हो। रक्षासूत्र को पंचोपचार या षोडशोपचार विधि से पूजन के बाद ही बांधा जाए। सभी वर्णों के लिए रक्षासूत्र दाहिने हाथ में ही बांधा जाना चाहिए। इसके बांधने से वर्ष भर धन समृद्धि और पुत्र व पौत्रों का सुख प्राप्त होता है। साथ ही भाई-बहन का आपसी प्रेम भी बढ़ता है।
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ऐसे शुरू शुरू हुआ त्योहार
- ज्योतिषाचार्य मोहित मिश्र ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की कलाई में एक समय चोट लगी तो द्रौपदी ने अपना चीर फाड़कर उनके हाथ में बांधी थी। इस पर श्रीकृष्ण ने कहा-बहन तुम्हारा यह चीर मुझ पर ऋण है। मेरे ऊपर तुम्हारी रक्षा करने का दायित्व है। द्रौपदी के चीरहरण पर श्रीकृष्ण ने उसकी रक्षा चीर बढ़ाकर की थी। मान्यता है कि तभी से रक्षाबंधन का रिवाज चलता आ रहा है। एक और कथा प्रचलित है कि माता महालक्ष्मी ने बलि को रक्षासूत्र बांधकर अपना भाई बनाया था। पहली बार राजा राजा बलि के पहरेदार बने भगवान विष्णु को उपहार स्वरूप मांग लिया था। उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि थी। तबसे अभी तक बहनें अपने भाई की कलाई में राखी बांधती चली आ रही हैं।
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