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पार्वती 40 साल से मो. वारिस को और वंदना 25 वर्ष से मो.आरिफ, अरबाज व शाहिद बांधती हैं राखी
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पार्वती 40 साल से मो. वारिस को और वंदना 25 वर्ष से मो.आरिफ, अरबाज व शाहिद बांधती हैं राखी
संवाद न्यूज एजेंसी
नगर बाजार(बस्ती)। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इसमें सामाजिक सौहार्द और सद्भाव का भाव भी छिपा है। इसी भाव को कायम किए हुए हैं सल्टौआ की पार्वती और नगर बाजार की वंदना। ये दोनों कई वर्षों से मुस्लिम भाइयों को राखी बांध रहीं हैं।
सल्टौआ की पार्वती देवी पिछले 40 वर्षों से नगर बाजार निवासी मो.वारिस को राखी बांधती आ रही हैं। पार्वती देवी कहती हैं कि हिंदू मुस्लिम दोनों सगे भाई की तरह हैं। कोई भी मजहब आपस में बैर नहीं सिखाता है। वहीं नगर बाजार निवासी वंदना पाठक पिछले 25 वर्षों से मो.आरिफ, अरबाज व शाहिद को राखी बांध रही हैं। उन्होंने रविवार को एक बार फिर राखी बांधकर भाइयों को मिठाई खिलाई। वंदना पाठक ने बताया कि धर्म जाति ऊंच-नीच जैसे तमाम बंधनों को तोड़ एकजुट होने पर ही देश आंतरिक तौर पर मजबूत होगा। बहनों ने कलाई पर राखी बांधकर मुंह मीठा कराया तो वहीं भाईयों ने भी अपनी बहनों को उपहार भेंट करते हुए रक्षा का वचन दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगर बाजार(बस्ती)। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इसमें सामाजिक सौहार्द और सद्भाव का भाव भी छिपा है। इसी भाव को कायम किए हुए हैं सल्टौआ की पार्वती और नगर बाजार की वंदना। ये दोनों कई वर्षों से मुस्लिम भाइयों को राखी बांध रहीं हैं।
सल्टौआ की पार्वती देवी पिछले 40 वर्षों से नगर बाजार निवासी मो.वारिस को राखी बांधती आ रही हैं। पार्वती देवी कहती हैं कि हिंदू मुस्लिम दोनों सगे भाई की तरह हैं। कोई भी मजहब आपस में बैर नहीं सिखाता है। वहीं नगर बाजार निवासी वंदना पाठक पिछले 25 वर्षों से मो.आरिफ, अरबाज व शाहिद को राखी बांध रही हैं। उन्होंने रविवार को एक बार फिर राखी बांधकर भाइयों को मिठाई खिलाई। वंदना पाठक ने बताया कि धर्म जाति ऊंच-नीच जैसे तमाम बंधनों को तोड़ एकजुट होने पर ही देश आंतरिक तौर पर मजबूत होगा। बहनों ने कलाई पर राखी बांधकर मुंह मीठा कराया तो वहीं भाईयों ने भी अपनी बहनों को उपहार भेंट करते हुए रक्षा का वचन दिया।
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