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Basti News: जापानी इंसेफेलाइटिस से प्रभावित गांव में नहीं मिला शुद्ध पानी
Tue, 25 Jun 2024 04:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 25 Jun 2024 04:00 AM IST
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बनरही जंगल गांव के आठ पुरवे की 3500 की आबादी को मिलना था शुद्ध पेयजल
टंकी व पाइप लाइन में लीकेज के चलते नहीं हो पा रही पानी की आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
सल्टौआ। जापानी इंसेफेलाइटिस से प्रभावित गांव बनरही जंगल मेंं बना वाटर हेड टैंक लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। आठ पुरवों में करीब 3500 की आबादी को स्वच्छ पेयजल का सपना साकार होते हुए नहीं नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में दूषित जल से मुक्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत करीब 1.28 करोड़ रुपये की लागत से वाटर हेड टैंक के निर्माण की मंजूरी मिली। दिसंबर 2019 में पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा होना था। मगर, यह अब तक पूरा नहीं हो पाया। तब परियोजना के पूरा होने की तिथि बढ़ाकर 30 सितबंर 2021 कर दी गई। समय सीमा तो समाप्त हो गई है। मगर अब तक दो लोनिया पुरवा व पासीडीह में पाइप लाइन नहीं बिछाई गई। जहां तक पाइप बिछी है, वहां भी लीकेज के कारण पानी की आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है।
नागरिक राजू चौधरी ने बताया कि पानी की टंकी में लीकेज है, चैंबर से जितनी बार आपूर्ति शुरू की गई, कहीं न कहीं पाइप फट जाती है। लीकेज के कारण आपूर्ति बंद कर खोदाई करने लगते हैं। पानी तो मिलता नहीं, रास्ता अलग से बर्बाद हो जाता है। राम स्वरूप ने बताया कि लोनिया व पासी पुरवा में पाइप लाइन बिछाने के लिए अधिकारियों ने आश्वासन दिया है। प्रधान अनीता देवी ने बताया कि विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया गया तो वह परियोजना को हैंडओवर लेने का दबाव बनाने लगे। अधिशासी अभियंता जनार्दन सिंह ने बताया कि ग्रामीण सहयोग नहीं कर रहे हैं। यदि पंचायत हैंडओवर ले ले तो परियोजना की खामियां भी दुरुस्त कर दी जाएंगी।
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टंकी व पाइप लाइन में लीकेज के चलते नहीं हो पा रही पानी की आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
सल्टौआ। जापानी इंसेफेलाइटिस से प्रभावित गांव बनरही जंगल मेंं बना वाटर हेड टैंक लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। आठ पुरवों में करीब 3500 की आबादी को स्वच्छ पेयजल का सपना साकार होते हुए नहीं नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में दूषित जल से मुक्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत करीब 1.28 करोड़ रुपये की लागत से वाटर हेड टैंक के निर्माण की मंजूरी मिली। दिसंबर 2019 में पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा होना था। मगर, यह अब तक पूरा नहीं हो पाया। तब परियोजना के पूरा होने की तिथि बढ़ाकर 30 सितबंर 2021 कर दी गई। समय सीमा तो समाप्त हो गई है। मगर अब तक दो लोनिया पुरवा व पासीडीह में पाइप लाइन नहीं बिछाई गई। जहां तक पाइप बिछी है, वहां भी लीकेज के कारण पानी की आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है।
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नागरिक राजू चौधरी ने बताया कि पानी की टंकी में लीकेज है, चैंबर से जितनी बार आपूर्ति शुरू की गई, कहीं न कहीं पाइप फट जाती है। लीकेज के कारण आपूर्ति बंद कर खोदाई करने लगते हैं। पानी तो मिलता नहीं, रास्ता अलग से बर्बाद हो जाता है। राम स्वरूप ने बताया कि लोनिया व पासी पुरवा में पाइप लाइन बिछाने के लिए अधिकारियों ने आश्वासन दिया है। प्रधान अनीता देवी ने बताया कि विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क किया गया तो वह परियोजना को हैंडओवर लेने का दबाव बनाने लगे। अधिशासी अभियंता जनार्दन सिंह ने बताया कि ग्रामीण सहयोग नहीं कर रहे हैं। यदि पंचायत हैंडओवर ले ले तो परियोजना की खामियां भी दुरुस्त कर दी जाएंगी।
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