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आज उजाड़ की श्रेणी में है पुरानी बस्ती

Mon, 22 Jan 2018 11:24 PM IST
basti
basti Updated Mon, 22 Jan 2018 11:24 PM IST
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purani basti in bad positon
पुरानी बस्ती का बदहाल पोखरा। - फोटो : amar ujala
बस्ती। 
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वर्षों पहले शहरी स्वरूप लिए पुरानी बस्ती का हाल कस्बों से भी बुरा हो गया है। इसे राज परिवार ने बसाया था। सबकी अलग-अलग व्यवस्था थी। आज वही बस्ती उजाड़ की श्रेणी में है। अतिक्रमण, गंदगी, जाम और मलिन बस्तियाें ने यहां की थोक बाजारों की सूरत बदल दी है।
सत्तर के दशक में गांधीनगर विकसित होने के साथ ही पुरानी बस्ती की उपेक्षा शुरू हो गई। फिर भी पुरानी बस्ती का कारोबारी स्वरूप जस का तस रहा। बर्तन की मंडी यानी मंगल बाजार आगे बढ़ा तो सुर्तीहट्टा में सुर्ती का कारोबार बंद हो गया। पांडेय बाजार ऐसा है जो शुरू से थोक गल्ला बाजार के रूप में रहा और आज भी कमोवेश वही व्यवसाय है। हालांकि, बदलाव इस बाजार में भी आया है। गल्ले के अलावा यहां थोक कपड़ा, भवन निर्माण सामग्री सहित अन्य व्यवसाय होने लगे। लेकिन संकरी गलियां, अतिक्रमण, गंदगी जैसी स्थितियों के बढ़ने से थोक में सामान लेने वाले ही पहुंचते हैं। चार पहिया वाले सीधे गांधीनगर पहुंचते हैं। कलेक्ट्रेट, जनपद न्यायालय, विकास भवन आदि के कारण गांधी नगर दिनोंदिन प्रगति पर रहा। मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से लेकर अन्य ब्रांडों के शोरूम खुलने से लोगों का रुझान इस नए शहर की ओर हो गया।  
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पहले मानसिकता बदलनी होगी: राजमाता 
राजभवन पुरानी बस्ती की अहम पहचान है। यहां की परिस्थितियों को लेकर राजमाता आशिमा सिंह भी चिंतित हैं। राजमाता ने बताया कि पानी की भी जांच कराई थी जो सर्वाधिक प्रदूषित है। लो लैंड एरिया होने से पानी गंदा है लेकिन सारे अभियान मानसिकता के चलते असफल रहे। हर किसी को लगता है कि राजभवन का यह कदम हमें उजाड़ने के लिए है। 
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स्वच्छ बस्ती-सुंदर बस्ती ही संकल्प : हरीश द्विवेदी 
भाजपा सांसद हरीश द्विवेदी का कहना है कि स्वच्छ बस्ती और सुंदर बस्ती हमारे संकल्प में है। साफ-सफाई, नाली, खड़ंजे आदि पर भी काम हो रहा है। बिजली व्यवस्था सुधारने की दिशा में 70 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाने हैं। उज्ज्वला योजना, सुलभ शौचालय आदि इसके हिस्सा हैं। पुरानी बस्ती की समस्याओं के निस्तारण पर भी काम किया जा रहा है।  
बिजली थाना बनाया जाएगा: दयाराम चौधरी 
सदर विधायक दयाराम चौधरी का कहना है कि पुरानी बस्ती की बिजली समस्या संज्ञान में है। लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए नए ट्रांसफॉर्मर लगेंगे। पोल और तार भी बदले जा रहे हैं। यहां तक की बिजली थाना भी स्थापित होगा। उनका कहना है कि यह निश्चित है कि 2018 बीतते ही विकास कार्यों का फायदा पुरानी बस्ती को मिलेगा। 
पांच शीटर शौचालय बनाया जा रहा : रूपम मिश्रा 
नगरपालिका अध्यक्ष रूपम मिश्रा ने बताया कि चुनाव संकल्प में ही इस बड़ी समस्या का जिक्र किया गया था। स्टेशन रोड पर पांच शीटर शौचालय बन भी रहा है। पुरानी बस्ती में सामुदायिक शौचालय बनेगा। नाला निर्माण भी कराया जा रहा है। नरियांव ड्रेन तक बरसात के पहले समुचित प्रबंध हो जाएगा। सफाई कर्मियों की तैैनाती के भी निर्देश दिए गए हैं।
हर मंच पर बताईं समस्याएं: सुभाष शुक्ला 
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष सुभाष शुक्ला कहते हैं कि ऐसा कोई मंच नहीं जिसपर पुरानी बस्ती की समस्याएं उर्ठाइं न गईं हों। रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर बनाने को लिए संगठन ने कई बार प्रशासन से लेकर सांसद हरीश द्विवदी तक को ज्ञापन दिया। हर तरफ से एक ही जवाब दिया जाता रहा है कि पत्रावली चल रही है। हमारा संगठन लगातार लगा रहा।

संघर्ष पर बनी सड़क, पटरी वह भी नहीं: नंदकिशोर 
बस्ती उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगर अध्यक्ष नंद किशोर पुरानी बस्ती और व्यापारियों की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष करते रहे हैं। कहते हैं कि दक्षिण दरवाजे से करुआ बाबा तक की सड़क को लेकर धरना-प्रदर्शन किया तब जाकर सड़क बनी लेकिन पटरियां फिर भी नहीं बनीं। संगठन के माध्यम से व्यापारियों की हर समस्याएं उठाई जाती रहीं। 
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