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अग्निवीर बनने की राह पर निकलीं बेटियां
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अग्निवीर बनने की राह पर निकलीं बेटियां
- देश सेवा का जज्बे से लबरेज बेटियां स्टेडियम में बहा रहीं पसीना
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। देशभक्ति के जज्बे से लबरेज बेटियां स्टेडियम में सुबह-शाम पसीना बहा रही हैं। एथलीट के रूप में राज्य स्तर तक प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी बेटियां अग्निवीर बनकर मातृभूमि का कर्जा उतारना चाहती हैं।
जिले की रहने वाली कुसमौर निवासी 18 वर्षीय आराधना भाष्कर राज्य स्तरीय एथलीट प्रतियोगिता के लंबी कूद में इसी वर्ष द्वितीय स्थान हासिल कर चुकी हैं। इनका मकसद सेना में रहकर देश सेवा करना है। इसके लिए उन्होंने अग्निवीर का रास्ता चुना है। कहती हैं कि मातृ भूमि का कर्जा सभी पर होता है। इस कर्ज को उतारने का मौका मिला है तो फिर चूका क्यों जाए।
महसों निवासी 16 साल की सोनम राज्य स्तरीय दौड़ प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर चुकी हैं। अब वह अग्निवीर बनने की राह पर चल पड़ी हैं। कहती हैं कि देश सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। एक मौका सरकार ने युवाओं को दिया है तो उसे हासिल करें।
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शहर से सटे बड़ेवन निवासी 14 वर्षीय सिमना दौड़ प्रतियोगिता में स्टेट लेवल तक खेल चुकी हैं। इनका उद्देश्य अब देश सेवा करना है। इस नाते सुबह व शाम फील्ड पर अग्निवीर बनने के लिए मेहनत कर रही हैं। कहती हैं कि देश सेवा से बड़ा कुछ भी नहीं है।
लालगंज निवासी 16 वर्षीय नेहा चौधरी को राज्य स्तरीय दौड़ में मौका मिला था। अब उनका मकसद देश सेवा है। इसलिए वे अग्निवीर बनने की तैयारी कर रही हैं। इन बच्चों को निशुल्क तैयारी कराने वाले कोच पंकज चौधरी ने कहा कि बेटियों के मन में जो चल रहा है उसके लिए बेहतर मार्ग दर्शन जरूरी है। ऐसे में इन तीनों बच्चों को हर दिन सुबह व शाम फील्ड पर मेहनत कराते हैं।
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- देश सेवा का जज्बे से लबरेज बेटियां स्टेडियम में बहा रहीं पसीना
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। देशभक्ति के जज्बे से लबरेज बेटियां स्टेडियम में सुबह-शाम पसीना बहा रही हैं। एथलीट के रूप में राज्य स्तर तक प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी बेटियां अग्निवीर बनकर मातृभूमि का कर्जा उतारना चाहती हैं।
जिले की रहने वाली कुसमौर निवासी 18 वर्षीय आराधना भाष्कर राज्य स्तरीय एथलीट प्रतियोगिता के लंबी कूद में इसी वर्ष द्वितीय स्थान हासिल कर चुकी हैं। इनका मकसद सेना में रहकर देश सेवा करना है। इसके लिए उन्होंने अग्निवीर का रास्ता चुना है। कहती हैं कि मातृ भूमि का कर्जा सभी पर होता है। इस कर्ज को उतारने का मौका मिला है तो फिर चूका क्यों जाए।
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महसों निवासी 16 साल की सोनम राज्य स्तरीय दौड़ प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर चुकी हैं। अब वह अग्निवीर बनने की राह पर चल पड़ी हैं। कहती हैं कि देश सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। एक मौका सरकार ने युवाओं को दिया है तो उसे हासिल करें।
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शहर से सटे बड़ेवन निवासी 14 वर्षीय सिमना दौड़ प्रतियोगिता में स्टेट लेवल तक खेल चुकी हैं। इनका उद्देश्य अब देश सेवा करना है। इस नाते सुबह व शाम फील्ड पर अग्निवीर बनने के लिए मेहनत कर रही हैं। कहती हैं कि देश सेवा से बड़ा कुछ भी नहीं है।
लालगंज निवासी 16 वर्षीय नेहा चौधरी को राज्य स्तरीय दौड़ में मौका मिला था। अब उनका मकसद देश सेवा है। इसलिए वे अग्निवीर बनने की तैयारी कर रही हैं। इन बच्चों को निशुल्क तैयारी कराने वाले कोच पंकज चौधरी ने कहा कि बेटियों के मन में जो चल रहा है उसके लिए बेहतर मार्ग दर्शन जरूरी है। ऐसे में इन तीनों बच्चों को हर दिन सुबह व शाम फील्ड पर मेहनत कराते हैं।