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टीके की दोनों डोज लगवाने वाले तीसरी लहर में होंगे सुरक्षित
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टीके की दोनों डोज लगवाने वाले तीसरी लहर में होंगे सुरक्षित
- कोविड टीकाकरण अभियान का पूरा हो चुका है एक साल
- 15 साल तक के किशोरों का किया जा रहा है टीकाकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोविड टीकाकरण का एक साल पूरा हो चुका है। साल भर के अनुभव और दुनिया के आ रहे अध्ययन से यह साफ जाहिर है कि कोविड-19 के संक्रमण से अगर खुद व परिवार के साथ समुदाय को सुरक्षित रखना है तो कोविड टीके की दोनों डोज सभी पात्र लोगों के लिए लगवाना जरूरी है। वर्तमान में 15 साल की उम्र तक के किशोरों को कोविड का टीका लगाया जा रहा है। जिले में लगभग 20 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एफ हुसैन का कहना है कि कोविड की पहली लहर में तो बचाव का कोई टीका था ही नहीं लेकिन दूसरी लहर में ज्यादातर वही लोग गंभीर रूप से कोरोना की चपेट में आए, जिन्हें टीका नहीं लगा था। तीसरी लहर में कोरोना एक बार फिर तेजी से पांव पसार रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के कोविड टीकाकरण के ब्रांड एंबेस्डर व केजीएमयू के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत के अनुसार मुंबई के एक अस्पताल से आए आंकड़े बताते हैं कि अस्पताल में भर्ती होने वाले 95 फीसद कोरोना संक्रमित ने टीके की दोनों डोज नहीं लगवा रखी थी। संक्रमण को रोकने के लिए पूर्ण टीकाकरण जरूरी है। टीका कोरोना से तो सुरक्षा देगा ही और अगर उसके बाद भी कोरोना की चपेट में आते हैं तो ऐसी गंभीर स्थिति नहीं बनेगी की अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आए।
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- कोविड टीकाकरण अभियान का पूरा हो चुका है एक साल
- 15 साल तक के किशोरों का किया जा रहा है टीकाकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोविड टीकाकरण का एक साल पूरा हो चुका है। साल भर के अनुभव और दुनिया के आ रहे अध्ययन से यह साफ जाहिर है कि कोविड-19 के संक्रमण से अगर खुद व परिवार के साथ समुदाय को सुरक्षित रखना है तो कोविड टीके की दोनों डोज सभी पात्र लोगों के लिए लगवाना जरूरी है। वर्तमान में 15 साल की उम्र तक के किशोरों को कोविड का टीका लगाया जा रहा है। जिले में लगभग 20 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एफ हुसैन का कहना है कि कोविड की पहली लहर में तो बचाव का कोई टीका था ही नहीं लेकिन दूसरी लहर में ज्यादातर वही लोग गंभीर रूप से कोरोना की चपेट में आए, जिन्हें टीका नहीं लगा था। तीसरी लहर में कोरोना एक बार फिर तेजी से पांव पसार रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के कोविड टीकाकरण के ब्रांड एंबेस्डर व केजीएमयू के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत के अनुसार मुंबई के एक अस्पताल से आए आंकड़े बताते हैं कि अस्पताल में भर्ती होने वाले 95 फीसद कोरोना संक्रमित ने टीके की दोनों डोज नहीं लगवा रखी थी। संक्रमण को रोकने के लिए पूर्ण टीकाकरण जरूरी है। टीका कोरोना से तो सुरक्षा देगा ही और अगर उसके बाद भी कोरोना की चपेट में आते हैं तो ऐसी गंभीर स्थिति नहीं बनेगी की अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आए।
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