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Basti News: चढ़ते पारा में झुलसने लगे लोग...अस्पतालों में डायरिया के बढ़े मरीज
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जिला अस्पताल में चिकित्सीय परामर्श के लिए पहुंचे मरीज
बस्ती। पारा चढ़ने के साथ ही जिले में डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में दस्त से पीड़ित होकर मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि तेज धूप में काम करने वाले और लंबे समय तक बाइक चलाने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है। बच्चों में भी उल्टी-दस्त की शिकायतें बढ़ी हैं।
ओपीडी के साथ इमरजेंसी में जो मरीज आ रहे हैं वह मौसमी हैं। दस्त के चलते कई मरीजों के शरीर कमजोर पड़ जा रहे, उन्हें तत्काल ड्रिप दे रहे हैं। जिला अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि गर्मी में शरीर से अधिक मात्रा में पानी और जरूरी लवण निकल जाते हैं। इससे डिहाइड्रेशन की समस्या रहती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल का कहना है कि गर्मी में बच्चों को बोतल से दूध पिलाने और दूषित खाद्य पदार्थ देने से छोटे बच्चों में डायरिया फैलता है।
गर्मी के मौसम में बच्चों को तेज धूप होने पर घर से बाहर न निकलने दें। गर्म हवा से बचाकर रखें। तले-भुने खाद्य पदार्थ व खाना से बचें। सादा भोजन करें। वहीं, तेज धूप के चलते सिर चकरा रहा है। ऐसे रोगियों में हीटवेब का खतरा भी बढ़ गया है। मंगलवार को जिला अस्पताल में 1014 मरीजों ने परामर्श लिया। सर्वाधिक भीड़ मेडिसिन व बाल रोग विभाग में रही।
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इन लक्षणों का न करें नजरअंदाज
- बार-बार उल्टी-दस्त होना
- उल्टी और जी मिचलाना
- तेज प्यास लगना और मुंह सूखना
- कमजोरी और चक्कर आना
- पेशाब कम आना और शरीर में सुस्ती
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ऐसे करें बचाव
- दिनभर में कम से कम चार लीटर पानी पिएं।
- घर से बाहर निकलते समय सिर को ढक कर रखें।
- ताजा और साफ भोजन का ही सेवन करें।
कोट
जिला अस्पताल में जो मरीज आ रहे उनकी जांच कराकर दवाएं दी जा रही हैं। बढ़ते तापमान को देखते हुए सभी चिकित्सकों को अलर्ट पर रखा गया है। स्टाफ को भी निर्देशित किया गया है।
-डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
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ओपीडी के साथ इमरजेंसी में जो मरीज आ रहे हैं वह मौसमी हैं। दस्त के चलते कई मरीजों के शरीर कमजोर पड़ जा रहे, उन्हें तत्काल ड्रिप दे रहे हैं। जिला अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि गर्मी में शरीर से अधिक मात्रा में पानी और जरूरी लवण निकल जाते हैं। इससे डिहाइड्रेशन की समस्या रहती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल का कहना है कि गर्मी में बच्चों को बोतल से दूध पिलाने और दूषित खाद्य पदार्थ देने से छोटे बच्चों में डायरिया फैलता है।
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गर्मी के मौसम में बच्चों को तेज धूप होने पर घर से बाहर न निकलने दें। गर्म हवा से बचाकर रखें। तले-भुने खाद्य पदार्थ व खाना से बचें। सादा भोजन करें। वहीं, तेज धूप के चलते सिर चकरा रहा है। ऐसे रोगियों में हीटवेब का खतरा भी बढ़ गया है। मंगलवार को जिला अस्पताल में 1014 मरीजों ने परामर्श लिया। सर्वाधिक भीड़ मेडिसिन व बाल रोग विभाग में रही।
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इन लक्षणों का न करें नजरअंदाज
- बार-बार उल्टी-दस्त होना
- उल्टी और जी मिचलाना
- तेज प्यास लगना और मुंह सूखना
- कमजोरी और चक्कर आना
- पेशाब कम आना और शरीर में सुस्ती
ऐसे करें बचाव
- दिनभर में कम से कम चार लीटर पानी पिएं।
- घर से बाहर निकलते समय सिर को ढक कर रखें।
- ताजा और साफ भोजन का ही सेवन करें।
कोट
जिला अस्पताल में जो मरीज आ रहे उनकी जांच कराकर दवाएं दी जा रही हैं। बढ़ते तापमान को देखते हुए सभी चिकित्सकों को अलर्ट पर रखा गया है। स्टाफ को भी निर्देशित किया गया है।
-डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।