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ठगी में शिक्षक समेत दो पर केस दर्ज करने का आदेश
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ठगी में शिक्षक समेत दो पर केस दर्ज करने का आदेश
बस्ती। नौकरी के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता यादव की अदालत ने शुक्रवार को सहायक अध्यापक समेत दो पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।
सोनहा थाने को मुकदमा दर्ज करने के साथ सात दिन के भीतर रिपोर्ट अदालत में पेेश करने के लिए कहा गया है। नसीब अली निवासी रुद्रपुर, थाना सोनहा ने अधिवक्ता रमापति पांडेय के माध्यम से न्यायालय में वाद दाखिल किया था। अधिवक्ता ने बताया कि वर्ष 2018 में नसीब ने ग्राम विकास अधिकारी के पद पर आवेदन किया था।
उसकी परीक्षा 2018 में दिसंबर में हुई। उसी बीच फारुख, निवासी आमा, थाना सोनहा और सहायक अध्यापक शिव कुमार, निवासी परसा लाल शाही, वाल्टरगंज से मुलाकात हुई। फारुख ने कहा कि शासन में उसकी बड़ी अच्छी पकड़ है। अगर नौकरी हासिल करनी है तो 12 लाख रुपये की व्यवस्था करनी होगी। नसीब ने फारुख की बातों पर विश्वास कर रकम दे दी। उसके बाद से कहा कि रिजल्ट आने के बाद नियुक्ति पत्र दिला देंगे। रिजल्ट आने पर प्रार्थी का नाम नहीं था। पूछे जाने पर विपक्षी ने कहा कि किसी दूसरे विभाग में नौकरी लगवा देंगे।
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इस बीच जून 2020 में एक चेक बैंक ऑफ बड़ौदा का पांच लाख का दिया, जो बाउंस हो गया। फारूख ने कहा कि बाकी सात लाख रुपये शिवकुमार के पास हैं। अधिवक्ता ने बताया कि यह रकम अब तक उनके मुवक्किल को वापस नहीं मिली। अदालत ने मामले में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
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बस्ती। नौकरी के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता यादव की अदालत ने शुक्रवार को सहायक अध्यापक समेत दो पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।
सोनहा थाने को मुकदमा दर्ज करने के साथ सात दिन के भीतर रिपोर्ट अदालत में पेेश करने के लिए कहा गया है। नसीब अली निवासी रुद्रपुर, थाना सोनहा ने अधिवक्ता रमापति पांडेय के माध्यम से न्यायालय में वाद दाखिल किया था। अधिवक्ता ने बताया कि वर्ष 2018 में नसीब ने ग्राम विकास अधिकारी के पद पर आवेदन किया था।
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उसकी परीक्षा 2018 में दिसंबर में हुई। उसी बीच फारुख, निवासी आमा, थाना सोनहा और सहायक अध्यापक शिव कुमार, निवासी परसा लाल शाही, वाल्टरगंज से मुलाकात हुई। फारुख ने कहा कि शासन में उसकी बड़ी अच्छी पकड़ है। अगर नौकरी हासिल करनी है तो 12 लाख रुपये की व्यवस्था करनी होगी। नसीब ने फारुख की बातों पर विश्वास कर रकम दे दी। उसके बाद से कहा कि रिजल्ट आने के बाद नियुक्ति पत्र दिला देंगे। रिजल्ट आने पर प्रार्थी का नाम नहीं था। पूछे जाने पर विपक्षी ने कहा कि किसी दूसरे विभाग में नौकरी लगवा देंगे।
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इस बीच जून 2020 में एक चेक बैंक ऑफ बड़ौदा का पांच लाख का दिया, जो बाउंस हो गया। फारूख ने कहा कि बाकी सात लाख रुपये शिवकुमार के पास हैं। अधिवक्ता ने बताया कि यह रकम अब तक उनके मुवक्किल को वापस नहीं मिली। अदालत ने मामले में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।