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Basti News: शक्ति हत्याकांड के आरोपी की जमानत निरस्त करने का नोटिस
Thu, 12 Jun 2025 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 12 Jun 2025 01:32 AM IST
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बस्ती। नगर थानाक्षेत्र के बेलाड़ी गांव के शक्ति सिंह की हत्या के केस में आरोपी अजय यादव की जमानत निरस्त करने का नोटिस जारी किया गया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने कलवारी थानाक्षेत्र के वैष्णोपुर निवासी अजय यादव को 16 जून को लिखित जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है कि उच्च न्यायालय से दी गई सशर्त जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में क्यों न जमानत निरस्त कर दी जाए।
24 सितंबर 2024 को अपहरण करके हत्या के केस में जेल भेजे गए भाजपा नेता राना नागेश प्रताप सिंह सहित छह आरोपियों में से सिर्फ अजय यादव को उच्च न्यायालय से कुछ दिन पहले जमानत मिली थी। नौ जून को आरोप तय करने के लिए न्यायालय ने सभी आरोपियों को तलब किया था।
बुधवार को जारी आदेश में कहा गया है कि उच्च न्यायालय से इस आधार पर जमानत स्वीकृत की गई थी कि आप प्रत्येक नियत तिथि को न्यायालय में उपस्थित रहेंगे और विचारण में सहयोग करेंगे तथा साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
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09 जून को आरोप तय करने के बाद सभी आरोपियों को सुनाया और समझाया गया। उस समय आपने व दो अन्य आरोपियों ने पत्रक पर हस्ताक्षर नहीं बनाए। इससे न्यायालय के कार्य में बाधा आई। ऐसे में जमानत की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए क्यों न जमानत निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।
24 सितंबर को रानीपुर निवासी शक्ति सिंह का अपहरण कर लिया गया था। दो दिन बाद 26 सितंबर को दुबौलिया क्षेत्र के तिवारीपुर तटबंध के पास बोर में उसका शव मिला था। शक्ति के भाई विक्रम सिंह ने गांव के नागेश प्रताप सिंह सहित चार आरोपियों पर हत्या आदि धाराओं में केस दर्ज कराया था।
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24 सितंबर 2024 को अपहरण करके हत्या के केस में जेल भेजे गए भाजपा नेता राना नागेश प्रताप सिंह सहित छह आरोपियों में से सिर्फ अजय यादव को उच्च न्यायालय से कुछ दिन पहले जमानत मिली थी। नौ जून को आरोप तय करने के लिए न्यायालय ने सभी आरोपियों को तलब किया था।
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बुधवार को जारी आदेश में कहा गया है कि उच्च न्यायालय से इस आधार पर जमानत स्वीकृत की गई थी कि आप प्रत्येक नियत तिथि को न्यायालय में उपस्थित रहेंगे और विचारण में सहयोग करेंगे तथा साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
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09 जून को आरोप तय करने के बाद सभी आरोपियों को सुनाया और समझाया गया। उस समय आपने व दो अन्य आरोपियों ने पत्रक पर हस्ताक्षर नहीं बनाए। इससे न्यायालय के कार्य में बाधा आई। ऐसे में जमानत की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए क्यों न जमानत निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।
24 सितंबर को रानीपुर निवासी शक्ति सिंह का अपहरण कर लिया गया था। दो दिन बाद 26 सितंबर को दुबौलिया क्षेत्र के तिवारीपुर तटबंध के पास बोर में उसका शव मिला था। शक्ति के भाई विक्रम सिंह ने गांव के नागेश प्रताप सिंह सहित चार आरोपियों पर हत्या आदि धाराओं में केस दर्ज कराया था।