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Basti News: पीड़िता की जांच न करने पर चिकित्सक से स्पष्टीकरण तलब
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पीड़िता की जांच न करने पर चिकित्सक से स्पष्टीकरण तलब
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नाबालिग पीड़िता की जांच पड़ताल करने से मना करने की शिकायत को न्याय पीठ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने गंभीरता से लिया है। महिला चिकित्सक से स्पष्टीकरण तलब किया है। कहा है कि बालिका के हित के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, लालगंज थाना की महिला आरक्षी अनिता यादव ने न्याय पीठ के समक्ष लिखित शिकायत किया है कि एक नाबालिग जो गर्भवती को लेकर वह महिला अस्पताल गई थी। न्यायालय कार्य की आवश्यकता एवं बालिका के स्वास्थ्य की जरूरत को देखते हुए अल्ट्रासाउंड करने को कहा। मौके पर उपस्थिति चिकित्सक डॉ. ममता रानी ने बालिका की जांच करने से मौखिक रूप से मना कर दिया।
महिला आरक्षी ने न्याय पीठ के समक्ष कहा की चिकित्सक ने कहा की जांच कराना हो तो आम मरीजों की तरह पर्चा कटवाकर जांच करा लो, मेरे द्वारा यह सुविधा नहीं दी जाएगी।
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अल्ट्रासाउंड क्यों नहीं किया जाएगा महिला चिकित्सक ने इसका भी कारण नहीं बताया। न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि बालिका के मौलिक अधिकार के साथ ही बाल अधिनियम का भी उल्लंघन किया है। न्यायपीठ ने महिला चिकित्सक से 12 जनवरी तक स्पष्टीकरण देने को कहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नाबालिग पीड़िता की जांच पड़ताल करने से मना करने की शिकायत को न्याय पीठ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने गंभीरता से लिया है। महिला चिकित्सक से स्पष्टीकरण तलब किया है। कहा है कि बालिका के हित के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, लालगंज थाना की महिला आरक्षी अनिता यादव ने न्याय पीठ के समक्ष लिखित शिकायत किया है कि एक नाबालिग जो गर्भवती को लेकर वह महिला अस्पताल गई थी। न्यायालय कार्य की आवश्यकता एवं बालिका के स्वास्थ्य की जरूरत को देखते हुए अल्ट्रासाउंड करने को कहा। मौके पर उपस्थिति चिकित्सक डॉ. ममता रानी ने बालिका की जांच करने से मौखिक रूप से मना कर दिया।
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महिला आरक्षी ने न्याय पीठ के समक्ष कहा की चिकित्सक ने कहा की जांच कराना हो तो आम मरीजों की तरह पर्चा कटवाकर जांच करा लो, मेरे द्वारा यह सुविधा नहीं दी जाएगी।
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अल्ट्रासाउंड क्यों नहीं किया जाएगा महिला चिकित्सक ने इसका भी कारण नहीं बताया। न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि बालिका के मौलिक अधिकार के साथ ही बाल अधिनियम का भी उल्लंघन किया है। न्यायपीठ ने महिला चिकित्सक से 12 जनवरी तक स्पष्टीकरण देने को कहा है।