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Basti News: मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे मूर्तिकार
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नगर बाजार में बनकर तैयार हुईं प्रतिमाएं।-संवाद
नगर बाजार। दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कस्बे में प्रतिमा निर्माण के लिए कोलकाता से आए मूर्तिकार मां दुर्गा की मूर्तियांें को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इस बार 21 हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक की मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। पूजा समितियों ने प्रतिमाओं की बुकिंग भी शुरू कर दी है।
नगर बाजार में हर वर्ष दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाई जाती है। इस बार 12 से 15 फुट ऊंची मूर्तियाें की अधिक मांग है। कोलकाता से आए मूर्तिकार दीपक, रतन, दीपावली देवी और प्रमिला पिछले कई वर्षों से यहां प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। मूर्तिकारों के अनुसार मूर्ति तैयार करने में काली चिकनी मिट्टी का अधिक इस्तेमाल होता है।
इससे मूर्ति को मजबूती और बेहतर फिनिश मिलती है। सबसे पहले बांस, लकड़ी और पुआल से प्रतिमा का ढांचा तैयार किया जाता है। इसके बाद पुआल को सुतली और रस्सी से बांधकर उस पर काली मिट्टी की दो से तीन परतें चढ़ाई जाती हैं।
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मिट्टी सूखने के बाद हाथों और औजारों की मदद से आंख, नाक, हाथ और वस्त्रों को आकार दिया जाता है। इसके बाद खड़िया मिट्टी से प्रतिमा को चमक दी जाती है। अंत में रंग, वस्त्र और आभूषणों से प्रतिमा का शृंगार किया जाता है। एक मूर्ति को पूरी तरह तैयार करने में सात से 10 दिन का समय लगता है।
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नगर बाजार में हर वर्ष दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाई जाती है। इस बार 12 से 15 फुट ऊंची मूर्तियाें की अधिक मांग है। कोलकाता से आए मूर्तिकार दीपक, रतन, दीपावली देवी और प्रमिला पिछले कई वर्षों से यहां प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। मूर्तिकारों के अनुसार मूर्ति तैयार करने में काली चिकनी मिट्टी का अधिक इस्तेमाल होता है।
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इससे मूर्ति को मजबूती और बेहतर फिनिश मिलती है। सबसे पहले बांस, लकड़ी और पुआल से प्रतिमा का ढांचा तैयार किया जाता है। इसके बाद पुआल को सुतली और रस्सी से बांधकर उस पर काली मिट्टी की दो से तीन परतें चढ़ाई जाती हैं।
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मिट्टी सूखने के बाद हाथों और औजारों की मदद से आंख, नाक, हाथ और वस्त्रों को आकार दिया जाता है। इसके बाद खड़िया मिट्टी से प्रतिमा को चमक दी जाती है। अंत में रंग, वस्त्र और आभूषणों से प्रतिमा का शृंगार किया जाता है। एक मूर्ति को पूरी तरह तैयार करने में सात से 10 दिन का समय लगता है।