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Basti News: कागज में होती रही निगरानी और जल गया ट्रांसफाॅर्मर
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बभनान (बस्ती)। टाउन एरिया बभनान विद्युत उपकेंद्र पर लगा 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर देखभाल के अभाव में जल गया है।
अधिकारियों की जांच में बड़ी लापरवाही साबित होने के बाद से बिजली निगम में नीचे से लेकर ऊपर तक हड़कंप मचा हुआ है। कोई अधिकारी यह कबूल करने को तैयार नहीं है कि ट्रांसफाॅर्मर जल गया है, खैर, अब इसकी मरम्मत के लिए बाहर से प्राइवेट ठेकेदार को बुलाया गया है।
विद्युत उपकेंद्र से पोषित चारों फीडरों का लोड एक पॉवर ट्रांसफॉर्मर पर आ गया है। ओवरलोडिंग से बचने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के तीन फीडरों को रोस्टिंग के तहत चार-चार घंटे की आपूर्ति की जा रही है, हालांकि बभनान नगर पंचायत को रोस्टिंग से मुक्त रखा गया है।
मुख्य अभियंता विद्युत वितरण मंडल बस्ती इं. वीके गुप्ता का कहना है कि मीटर परीक्षण खंड के अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट मिली है। रिपोर्ट में कुछ खराबी बताई गई है, जिसे ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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विद्युत वितरण खंड हर्रैया के तहत विद्युत उपकेंद्र बभनान से नगर पंचायत बभनान, ग्रामीण फीडर पैकोलिया, गौर और श्रृंगीनारी फीडर से जुड़े गांव और कस्बों को विद्युत आपूर्ति की जा रही है। उपकेंद्र से जुड़े 18000 से अधिक उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए उपकेंद्र में 10 एमवीए के दो पॉवर ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। बताया जा रहा है कि 29 दिसंबर को अचानक ट्रांसफॉर्मर बैठ गया और उससे आपूर्ति ठप हो गई। ट्रांसफॉर्मर से काफी आवाज आ रही थी। जानकारों का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर जल चुका है।
ट्रांसफॉर्मर जलने की रिपोर्ट अगर डिस्कॉम तक करनी पड़ी तो कई आला अधिकारी नप जाएंगे। अब नौकरी बचाने के लिए एक प्राइवेट ठेकेदार की मदद से ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर खर्च होने वाले चार लाख से अधिक का बजट जुटाने में अधिकारी लग गए हैं।
वहीं, जानकारों ने बताया कि यदि 10 एमवीए के ट्रांसफॉर्मर में खराबी आई है तो उसे वहां दुरुस्त नहीं कर सकते, नया लगेगा। चूंकि, पॉवर ट्रांसफॉर्मर से सैकड़ों वितरण ट्रांसफॉर्मर कनेक्ट होते हैं, लापरवाही से उन ट्रांसफॉर्मर पर असर पड़ता है।
ऐसे में अधिकारी रिस्क नहीं लेते है निगरानी के लिए परीक्षण खंड और मीटर खंड के एक्सईएन को पूर्व में दिशा-निर्देश है। लेकिन, लापरवाही के चलते 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर पिछले आठ दिन से खराब पड़ा है। सूत्रों के अनुसार, कागज में ही निगरानी होती है।
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अधिकारियों की जांच में बड़ी लापरवाही साबित होने के बाद से बिजली निगम में नीचे से लेकर ऊपर तक हड़कंप मचा हुआ है। कोई अधिकारी यह कबूल करने को तैयार नहीं है कि ट्रांसफाॅर्मर जल गया है, खैर, अब इसकी मरम्मत के लिए बाहर से प्राइवेट ठेकेदार को बुलाया गया है।
विद्युत उपकेंद्र से पोषित चारों फीडरों का लोड एक पॉवर ट्रांसफॉर्मर पर आ गया है। ओवरलोडिंग से बचने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के तीन फीडरों को रोस्टिंग के तहत चार-चार घंटे की आपूर्ति की जा रही है, हालांकि बभनान नगर पंचायत को रोस्टिंग से मुक्त रखा गया है।
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मुख्य अभियंता विद्युत वितरण मंडल बस्ती इं. वीके गुप्ता का कहना है कि मीटर परीक्षण खंड के अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट मिली है। रिपोर्ट में कुछ खराबी बताई गई है, जिसे ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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विद्युत वितरण खंड हर्रैया के तहत विद्युत उपकेंद्र बभनान से नगर पंचायत बभनान, ग्रामीण फीडर पैकोलिया, गौर और श्रृंगीनारी फीडर से जुड़े गांव और कस्बों को विद्युत आपूर्ति की जा रही है। उपकेंद्र से जुड़े 18000 से अधिक उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए उपकेंद्र में 10 एमवीए के दो पॉवर ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। बताया जा रहा है कि 29 दिसंबर को अचानक ट्रांसफॉर्मर बैठ गया और उससे आपूर्ति ठप हो गई। ट्रांसफॉर्मर से काफी आवाज आ रही थी। जानकारों का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर जल चुका है।
ट्रांसफॉर्मर जलने की रिपोर्ट अगर डिस्कॉम तक करनी पड़ी तो कई आला अधिकारी नप जाएंगे। अब नौकरी बचाने के लिए एक प्राइवेट ठेकेदार की मदद से ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर खर्च होने वाले चार लाख से अधिक का बजट जुटाने में अधिकारी लग गए हैं।
वहीं, जानकारों ने बताया कि यदि 10 एमवीए के ट्रांसफॉर्मर में खराबी आई है तो उसे वहां दुरुस्त नहीं कर सकते, नया लगेगा। चूंकि, पॉवर ट्रांसफॉर्मर से सैकड़ों वितरण ट्रांसफॉर्मर कनेक्ट होते हैं, लापरवाही से उन ट्रांसफॉर्मर पर असर पड़ता है।
ऐसे में अधिकारी रिस्क नहीं लेते है निगरानी के लिए परीक्षण खंड और मीटर खंड के एक्सईएन को पूर्व में दिशा-निर्देश है। लेकिन, लापरवाही के चलते 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर पिछले आठ दिन से खराब पड़ा है। सूत्रों के अनुसार, कागज में ही निगरानी होती है।