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Basti News: एमओआईसी पर प्रताड़ित करने का आरोप
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बस्ती। सीएचसी अधीक्षक पर एक चिकित्सक को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। चिकित्सक ने सीएमओ से इसकी लिखित शिकायत की है। सीएचसी दुबौलिया में तैनात चिकित्सक डाॅ. राजवीर गोयल ने सीएमओ बस्ती को भेजे पत्र में कहा है कि सीएससी दुबौलिया में जनरल फिजिशियन के रूप में सेवा दे रहे हैं।
आरोप है कि अधीक्षक की ओर से उनका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। अस्पताल कैंपस में ड्यूटी के दौरान बाहरी व्यक्ति घुसकर उनसे अपशब्दों का प्रयोग करते हैं। मारपीट पर आमादा हो जाते हैं, इसके साथ ही वह दुर्व्यवहार करते हैं। जिसकी वजह से वह काफी व्यथित हैं, उन्हें असुरक्षा महसूस हो रही। कहा कि अधीक्षक ओपीडी में मरीजों को भी नहीं देखते हैं। एक दिन के लिखित अवकाश को लेकर तीन से चार दिन तक अस्पताल से गायब रहते हैं।
समस्त अस्पताल का कार्यभार इमरजेंसी व रात्रि ड्यूटी की जिम्मेदारी उन पर थोप दी जाती है। वह 24 घंटे रहकर सात ड्यूटी करते हैं।
कहा कि जब अधीक्षक अवकाश से वापस आते हैं तो प्रार्थी द्वारा किए गए ड्यूटी को भी अनुपस्थित बना देते हैं। कारण पूछने पर वह अभद्रता करने लगते हैं। अस्पताल में न तो पीने का पानी शुद्ध है न ही साफ-सफाई व्यवस्था। मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने कहा कि शिकायती पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है, पत्र मिलने के बाद जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एमओआईसी डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि चिकित्सक के लगाए गए आरोप मनगढ़ंत है और निराधार है।
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आरोप है कि अधीक्षक की ओर से उनका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। अस्पताल कैंपस में ड्यूटी के दौरान बाहरी व्यक्ति घुसकर उनसे अपशब्दों का प्रयोग करते हैं। मारपीट पर आमादा हो जाते हैं, इसके साथ ही वह दुर्व्यवहार करते हैं। जिसकी वजह से वह काफी व्यथित हैं, उन्हें असुरक्षा महसूस हो रही। कहा कि अधीक्षक ओपीडी में मरीजों को भी नहीं देखते हैं। एक दिन के लिखित अवकाश को लेकर तीन से चार दिन तक अस्पताल से गायब रहते हैं।
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समस्त अस्पताल का कार्यभार इमरजेंसी व रात्रि ड्यूटी की जिम्मेदारी उन पर थोप दी जाती है। वह 24 घंटे रहकर सात ड्यूटी करते हैं।
कहा कि जब अधीक्षक अवकाश से वापस आते हैं तो प्रार्थी द्वारा किए गए ड्यूटी को भी अनुपस्थित बना देते हैं। कारण पूछने पर वह अभद्रता करने लगते हैं। अस्पताल में न तो पीने का पानी शुद्ध है न ही साफ-सफाई व्यवस्था। मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने कहा कि शिकायती पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है, पत्र मिलने के बाद जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एमओआईसी डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि चिकित्सक के लगाए गए आरोप मनगढ़ंत है और निराधार है।
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