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मथुरा की घटना से सहमे बच्चे-अभिभावक

Sat, 07 May 2016 12:30 AM IST
basti
basti Updated Sat, 07 May 2016 12:30 AM IST
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Mathura incident frightened child-guardian
दूध - फोटो : getty images
 मथुरा में मध्याह्न भोजन के तहत बुधवार को बंटे दूध को पीने से दो बच्चों और एक आंगनबाड़ी सहायिका की मौत हो गई। जबकि कई बीमार हो गए। इस घटना से अभिभावक और बच्चे सहमे हुए हैं। शुक्रवार को बस्ती ‌ज‌िले  के कई विद्यालयों में बच्चों ने अभिभावकों के निर्देशानुसार मध्याह्न भोजन नहीं किया। धीरे-धीरे इसकी जानकारी बीएसए को हुई। इसके बाद उन्होंने इस मामले पर शनिवार को जिले के सभी बीईओ की बैठक बुलाई है। 
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बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार की बैठक में मथुरा जैसी घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर कारगर रणनीति बनाई जाएगी। बैठक में जो भी सुझाव प्राप्त होंगे उसी के मुताबिक दिशा निर्देश दिए जाएंगे। वहीं प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल ने कहा है कि इस मद में सरकार द्वारा जो धन उपलब्ध कराया जाता है, उस धनराशि में शुद्ध दूध नहीं मिल सकता। फिर भी कुछ ऐसे अध्यापक हैं जो कार्रवाई के डर से स्वयं के खर्चे से गुणवत्ता परक दूध पिला रहे हैं। उन्होंने भी माना कि 50 फीसदी स्कूलों में धन के अभाव में बच्चों को दूध नहीं पिलाया जा रहा है। 
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वहीं बहादुरपुर के अभिभावक राम अजोर यादव, बनकटी के रामलाल, कुदरहा के कन्हैयालाल और रूधौली के गजानंद कहते हैं कि जब सरकार बच्चों को खाना और दूध नहीं देती थी, तब भी बच्चे पढ़ने आते थे। उस समय कम से कम किसी बच्चे की मौत तो नहीं होती थी। और मासूमों की जानें न जाएं। इसलिए अभिभावकों ने सरकार से योजना को ही बंद करने की मांग की है। 
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