{"_id":"6ae118e3cdd236acff0d2628","slug":"make-environmental-conservation-a-tradition-regard-nature-as-divine-dr-anil-joshi-basti-news-c-207-1-bst1005-170461-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यावरण संरक्षण को परंपरा बनाएं, प्रकृति को ईश्वर के समान मानें : डॉ. अनिल जोशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यावरण संरक्षण को परंपरा बनाएं, प्रकृति को ईश्वर के समान मानें : डॉ. अनिल जोशी
विज्ञापन
गोटवा में पद्मविभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी का हुआ स्वागत, स्रोत स्थानीय लोग
हर्रैया/छावनी (बस्ती)। पर्यावरण संरक्षण को जनजीवन और संस्कृति का हिस्सा बनाने के संदेश के साथ निकले पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की साइकिल यात्रा गोटवा व हर्रैया पहुंची। हर्रैया क्षेत्र के डुहवा स्थित एसएनएसबी इंटर कॉलेज में पौधारोपण कर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वहीं, गोटवा में डॉ. वीके वर्मा ने उनका स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य का अस्तित्व प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रखने पर निर्भर है। पर्यावरण को केवल संसाधन मानने के बजाय ईश्वर के समान सम्मान देना चाहिए, ताकि प्रकृति संरक्षण हमारी परंपरा बने और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। नेपाल के जनकपुर से दो अक्तूबर को शुरू हुई इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
डुहवा में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, वर्षा जल संचयन, जैविक खाद और पारंपरिक पनचक्कियों को बढ़ावा देने में योगदान पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में राम बाबू तिवारी, शीतला प्रसाद मिश्र, दिवाकर मिश्रा और दीप नारायण मिश्रा सहित शिक्षक, छात्र-छात्राएं व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। गोटवा में डॉ. वीके वर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। जल की बर्बादी रोकने, वर्षा जल संचयन और पौधारोपण से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। इस दौरान चिकित्सक, मेडिकल के विद्यार्थी और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। नितेश शर्मा, पंकज त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
छावनी पहुंची 16 सदस्यीय साइकिल यात्रा
छावनी। पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश लेकर नेपाल के जनकपुर से निकली 16 सदस्यीय साइकिल यात्रा का एसएनएसबी विद्यालय में स्वागत किया गया। प्रबंधक शीतला प्रसाद मिश्र, प्रधानाचार्य सुनीता मिश्र, दीप नारायण मिश्र, संजीव सिंह, दिवाकर मिश्र, एनएन पांडेय, गिरिजेश पांडेय, अवधेश सिंह और सरला मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मनुष्य का अस्तित्व प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रखने पर निर्भर है। पर्यावरण को केवल संसाधन मानने के बजाय ईश्वर के समान सम्मान देना चाहिए, ताकि प्रकृति संरक्षण हमारी परंपरा बने और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। नेपाल के जनकपुर से दो अक्तूबर को शुरू हुई इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
विज्ञापन
डुहवा में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, वर्षा जल संचयन, जैविक खाद और पारंपरिक पनचक्कियों को बढ़ावा देने में योगदान पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में राम बाबू तिवारी, शीतला प्रसाद मिश्र, दिवाकर मिश्रा और दीप नारायण मिश्रा सहित शिक्षक, छात्र-छात्राएं व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। गोटवा में डॉ. वीके वर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। जल की बर्बादी रोकने, वर्षा जल संचयन और पौधारोपण से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। इस दौरान चिकित्सक, मेडिकल के विद्यार्थी और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। नितेश शर्मा, पंकज त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
छावनी पहुंची 16 सदस्यीय साइकिल यात्रा
छावनी। पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश लेकर नेपाल के जनकपुर से निकली 16 सदस्यीय साइकिल यात्रा का एसएनएसबी विद्यालय में स्वागत किया गया। प्रबंधक शीतला प्रसाद मिश्र, प्रधानाचार्य सुनीता मिश्र, दीप नारायण मिश्र, संजीव सिंह, दिवाकर मिश्र, एनएन पांडेय, गिरिजेश पांडेय, अवधेश सिंह और सरला मौजूद रहे। संवाद