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Basti News: कांवड़ियों को गर्भगृह के बाहर से ही करना होगा जलाभिषेक
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बस्ती। भद्रेश्वरनाथ मंदिर में इस बार कांवड़ का जल पट के बाहर से चढ़ाया जाएगा। यहां श्रद्धालुओं की जुटने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने जलाभिषेक की नई व्यवस्था बनाई है। श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के लिए गर्भ गृह के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उन्हें मुख्य द्वार पर ही शिवलिंग का दर्शन कर वहीं जल अर्पित कर देना होगा। इसके लिए शिवलिंग से लेकर मुख्य द्वार तक स्टील पत्र का नया अर्घ्य बनाया गया है।
प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, इस बार श्रावण तेरस के दिन 10 लाख से अधिक श्रद्धालु भद्रेश्वरनाथ मंदिर पहुंचेंगे। पिछले बार हुई अव्यवस्था से सबक लेकर प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। इतनी संख्या में भीड़ नियंत्रित करने के लिए हर स्तर पर रणनीति बनाई जा रही है। भीड़ एक जगह एकत्र न हो इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में है। हर बार जलाभिषेक के दौरान मंदिर के गर्भगृह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से अव्यवस्था होती रही। इस बार प्रशासन की ओर से गर्भगृह के बाहर ही जलाभिषेक की व्यवस्था करा दी गई है। शिवलिंग से लेकर मंदिर के पट तक स्टील पत्र का अर्घ्य लगवाया गया है। ताकि भीड़ के दौरान श्रद्धालु शिवलिंग तक पहुंचने की कोशिश में धक्का-मुक्की न कर सकें। पट के बाहर से ही शिवलिंग का दर्शन होगा और वहीं पर अर्घ्य में जल अर्पित कर दिया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर से बाहर की तरफ निकाल दिया जाएगा। इससे मंदिर के भीतर होने वाली अफरा- तफरी जैसी स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
भोलेनाथ को कांवड़ का जल अर्पित करने के लिए इस बार मंदिर के पट के बाहर तक अर्घ्य बना दिया गया है। जिससे गर्भगृह में भीड़ न एकत्र होने पाए। इस दिन श्रद्धालुओं की संख्या के हिसाब से गर्भगृह छोटा पड़ जाता है। इसीलिए यह नई व्यवस्था बनाई गई है।
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सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी, सीओ सिटी।
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प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, इस बार श्रावण तेरस के दिन 10 लाख से अधिक श्रद्धालु भद्रेश्वरनाथ मंदिर पहुंचेंगे। पिछले बार हुई अव्यवस्था से सबक लेकर प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। इतनी संख्या में भीड़ नियंत्रित करने के लिए हर स्तर पर रणनीति बनाई जा रही है। भीड़ एक जगह एकत्र न हो इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में है। हर बार जलाभिषेक के दौरान मंदिर के गर्भगृह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से अव्यवस्था होती रही। इस बार प्रशासन की ओर से गर्भगृह के बाहर ही जलाभिषेक की व्यवस्था करा दी गई है। शिवलिंग से लेकर मंदिर के पट तक स्टील पत्र का अर्घ्य लगवाया गया है। ताकि भीड़ के दौरान श्रद्धालु शिवलिंग तक पहुंचने की कोशिश में धक्का-मुक्की न कर सकें। पट के बाहर से ही शिवलिंग का दर्शन होगा और वहीं पर अर्घ्य में जल अर्पित कर दिया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर से बाहर की तरफ निकाल दिया जाएगा। इससे मंदिर के भीतर होने वाली अफरा- तफरी जैसी स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
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भोलेनाथ को कांवड़ का जल अर्पित करने के लिए इस बार मंदिर के पट के बाहर तक अर्घ्य बना दिया गया है। जिससे गर्भगृह में भीड़ न एकत्र होने पाए। इस दिन श्रद्धालुओं की संख्या के हिसाब से गर्भगृह छोटा पड़ जाता है। इसीलिए यह नई व्यवस्था बनाई गई है।
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सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी, सीओ सिटी।